नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल तथाकथित शराब घोटाला केस में जमानत पर तिहाड़ जेल से बाहर आते ही नए विवाद में फंस गए हैं। जेल से रिहाई के बाद अरविंद केजरीवाल के समर्थन में दिल्ली में शुक्रवार को खूब आतिशबाजी हुई। केजरीवाल के समर्थकों और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाते हुए पटाखे चलाए थे। अब इसको लेकर दिल्ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दिल्ली पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप लगाए गए कि सिविल लाइन इलाके में कुछ अज्ञात लोगों ने आतिशबाजी की थी। इससे काफी एयर पॉल्यूशन हुआ। ये दिल्ली में आतिशबाजी पर प्रतिबंध का उल्लंघन भी था।
बैन के बावजूद दिल्ली में हुई आतिशबाजी
पिछले दिनों ही दिल्ली की AAP सरकार ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया। 1 जनवरी 2025 तक शहर में पटाखों को बैन किया गया था। हालांकि इस फैसले के 4 दिन बाद ही खुद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल की जेल से रिहाई के बाद आतिशबाजी की। मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास, पार्टी कार्यालय और तिहाड़ जेल के बाहर पटाखे और आतिशबाजी जलाई गई, जिससे घना धुआं निकला।
आतिशबाजी पर BJP ने केजरीवाल को घेरा
भारतीय जनता पार्टी ने केजरीवाल की रिहाई के दौरान पटाखे फोड़े जाने पर आपत्ति जताई और आम आदमी पार्टी को हिंदू विरोधी करार दिया। बीजेपी के नेता शहजाद पूनावाला ने कहा- ‘AAP की पाखंड और हिंदू विरोधी मानसिकता। हिंदुओं के लिए: 1 जनवरी 2025 तक पटाखों पर प्रतिबंध- दिवाली पर पटाखे नहीं जलाए जाएंगे क्योंकि वो प्रदूषण करते हैं। लेकिन जब केजरीवाल को सशर्त जमानत पर रिहा किया गया तो बड़े पैमाने पर पटाखे फोड़े गए। ये धर्मनिरपेक्ष, प्रदूषण रहित पटाखे हैं?’
बीजेपी के एक और नेता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, ‘मंत्री गोपाल राय ने सिर्फ चार दिन पहले दशहरा, काली पूजा और दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया था, ये कहते हुए कि इससे प्रदूषण बढ़ता है। लेकिन सैकड़ों AAP कार्यकर्ताओं ने बेशर्मी से केजरीवाल के घर, पार्टी कार्यालय और तिहाड़ जेल के बाहर पटाखे फोड़े।’ प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि सरकार को दिल्लीवासियों को बताना चाहिए कि अगर हिंदू त्योहारों पर पटाखे नहीं जला सकते, तो AAP कार्यकर्ता कैसे जला सकते हैं?







