नई दिल्ली। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर जुल्म-ए-लाल अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की हैअफगान बलों ने सात चौकियों पर कब्जा किया और पाकिस्तानी सेना के दर्जनों सैनिकों को मार गिराया या घायल किया- दावाअफगान बलों ने सात हथियार और आठ निगरानी कैमरे जब्त किए, साथ ही दो बड़े सैन्य ठिकानों पर नियंत्रण भी हासिल किया
एक तरफ तो अमेरिका-इजरायल की लड़ाई ईरान से चल रही है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान को अफगानिस्तान का शासन चलाने वाले तालिबान ने चोट दे रखी है. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया है कि जुल्म-ए-लाल अभियान के दौरान कंधार सीमा क्षेत्र में अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर बड़ी कार्रवाई की है. प्रवक्ता के अनुसार, जिलहिज्जा महीने की 13वीं रात को उसकी 205 अल-बदर कोर की 6वीं सीमा उबैदाह ब्रिगेड से जुड़े डिफेंस फोर्सेस ने पाकिस्तान के खिलाफ अभियान चलाया.
दावा है कि अभियान के दौरान तालिबान के इन लड़ाकों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी सैन्य शासन की सात चौकियों पर कब्जा कर लिया. अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के दर्जनों सैनिक मारे गए या घायल हुए. साथ ही अफगान बलों ने सात हल्के और भारी हथियार तथा आठ दिन-रात निगरानी कैमरे भी जब्त किए. प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि दो बड़े सैन्य ठिकाने अफगान बलों के नियंत्रण में आ गए हैं. उनका कहना है कि यह अभियान सीमा क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने और कथित खतरों का जवाब देने के उद्देश्य से चलाया गया था.
एक और X पोस्ट में दावा किया गया है कि 201वीं खालिद बिन अल-वलीद सेना कोर की दूसरी सीमा ब्रिगेड ने पाकिस्तान के एक ड्रोन को निशाना बनाया और मार गिराया.
हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. क्षेत्र में तनाव को देखते हुए दोनों देशों के बीच स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है.
पाकिस्तान की भी कार्रवाई जारी
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मंगलवार तड़के दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर 16 स्थानों पर हुए हमलों को नाकाम कर दिया और रातभर जारी अभियानों में अफगान तालिबान के 67 और लड़ाकों को मार गिराया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने अफगान तालिबान के हमलों के जवाब में 26 फरवरी को शुरू किए गए ऑपरेशन ‘गजब-लिल-हक’ के बारे में जानकारी दी. तरार ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में रात भर चले अभियानों में अफगान तालिबान के 40 लड़ाके मारे गए.
उन्होंने ‘एक्स’ पर किये गए एक पोस्ट में बताया, “एक स्थान पर शारीरिक हमला करने का प्रयास किया गया, जबकि 12 स्थानों पर गोलीबारी की गई, जिन्हें बिना किसी जानमाल के नुकसान के नाकाम कर दिया गया.”
अफगान तालिबान ने उत्तरी बलूचिस्तान के किला सैफुल्लाह, नोश्की और चमन जिलों में 16 स्थानों पर सीमा पार से शारीरिक हमला किया, जबकि पाकिस्तानी सैनिकों ने 25 स्थानों पर गोलीबारी की. उन्होंने कहा, ‘‘सभी ठिकानों पर हुए हमलों को नाकाम कर दिया गया, जिसमें अफगान तालिबान के 27 लड़ाके मारे गए और कई घायल हुए.” मंत्री ने यह भी बताया कि उत्तरी बलूचिस्तान में तैनात अर्धसैनिक बल फ्रंटियर कोर (एफसी) का एक जवान शहीद हो गया, जबकि पांच जवान घायल हो गए. सोमवार को मंत्री ने एक बयान में कहा था कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 435 अफगान तालिबान लड़ाकों को मार गिराया और 630 अन्य घायल हो गए.







