प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एशिया में भी सुरक्षा चिंताएँ बढ़ती नजर आ रही हैं। शनिवार, 14 मार्च को North Korea ने अपने पूर्वी तट से समुद्र की दिशा में करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस लॉन्च के बाद क्षेत्र के कई देशों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, मिसाइलों को Sea of Japan (जिसे पूर्वी सागर भी कहा जाता है) की ओर दागा गया। सेना ने बताया कि मिसाइलों के लॉन्च की जानकारी मिलते ही South Korea की सेना और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं।
वहीं Japan की सरकार ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मिसाइलों की गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। जापानी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन मिसाइलों से क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।
मिसाइल परीक्षण वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब Iran और Israel के बीच तनाव बढ़ा हुआ है, उत्तर कोरिया का यह मिसाइल परीक्षण वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकता है। कई देशों को आशंका है कि इससे एशिया और मिडिल ईस्ट दोनों क्षेत्रों में तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि अभी तक किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन पड़ोसी देशों की सेनाएं स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी उत्तर कोरिया की इस गतिविधि को लेकर चिंता जता रहा है।







