नई दिल्ली। गर्मियां शुरू होते ही गन्ने के जूस की मांग तेजी से बढ़ जाती है. इसका मीठा स्वाद और ठंडक देने वाला असर लोगों को आकर्षित करता है, जिससे तुरंत ऊर्जा भी मिलती है. हालांकि, हर व्यक्ति के लिए यह फायदेमंद हो, ऐसा जरूरी नहीं है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदायक भी साबित हो सकता है. कुछ बीमारियों में गन्ने का जूस पीना नुकसानदायक साबित हो सकता है. जानिए यहां गन्ने का जूस किन लोगों को बेहद सीमित मात्रा में पीना चाहिए.
डायबिटीज के मरीजों के लिए जोखिम
जिन लोगों को शुगर की समस्या है, उनके लिए गन्ने का जूस हानिकारक हो सकता है. इसमें ग्लूकोज और सुक्रोज की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में पहुंचते ही ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा देती है. इससे अचानक थकान, चक्कर या अन्य दिक्कतें हो सकती हैं. डॉक्टर आमतौर पर डायबिटीज मरीजों को मीठे पेय से दूर रहने की सलाह देते हैं.
वजन बढ़ाने में कर सकता है योगदान
जो लोग वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं या पहले से मोटापे से जूझ रहे हैं, उन्हें भी गन्ने के जूस से बचना चाहिए. यह भले ही प्राकृतिक पेय हो, लेकिन इसमें कैलोरी काफी ज्यादा होती है, जो शरीर में फैट के रूप में जमा हो सकती है. साथ ही, मीठे पेय भूख बढ़ाने वाले संकेत देते हैं, जिससे व्यक्ति ज्यादा खाना खा सकता है.
कमजोर पाचन वाले लोग भी न करें सेवन
जिन लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील है, उन्हें गन्ने का जूस सोच-समझकर पीना चाहिए. अक्सर यह जूस खुले में तैयार होता है, जिससे इसमें बैक्टीरिया या अन्य हानिकारक जीवाणु मिल सकते हैं. इसके कारण गैस, पेट दर्द, सूजन या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
किडनी और लिवर मरीजों के लिए नुकसानदायक
किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए गन्ने का जूस नुकसान पहुंचा सकता है. इन स्थितियों में शरीर की विषैले तत्वों को बाहर निकालने और पोषण संतुलन बनाए रखने की क्षमता पहले ही कमजोर होती है. ऐसे में ज्यादा शुगर इन अंगों पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है.







