Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

घुसपैठ के अलावा ‘अन्य कारण’ क्या हैं, जिनसे बदल रही देश की डेमोग्राफी?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 29, 2026
in राष्ट्रीय
A A
घुसपैठ
26
SHARES
858
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारत की डेमोग्राफी क्या बदल रही है? अब इसकी स्टडी के लिए केंद्र सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी बना दी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कमेटी बनाए जाने का ऐलान किया है. यह कमेटी एक साल के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. हालांकि, जरूरत पड़ी तो इसका कार्यकाल 6 महीने और बढ़ाया जा सकता है.

इस कमेटी का काम घुसपैठ और दूसरे कारणों से बदल रही भारत की डेमोग्राफी पर स्टडी करना है. डेमोग्राफी चेंज से कैसे निपटा जा सकता है? इसे लेकर भी कमेटी अपने सुझाव देगी.

इन्हें भी पढ़े

S Jaishankar

बदलती दुनिया में उभरती और मध्यम शक्तियां साथ आएं : एस. जयशंकर

October 4, 2026
fund

भारत पर बढ़ा वैश्विक भरोसा, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास क्षमता से निवेशकों की पसंद बना

October 4, 2026
Ayushman

इस सरकारी योजना से उठाएं मुफ्त इलाज का फायदा, आपका नाम लिस्ट में है या नहीं? ऐसे करें चेक

October 4, 2026
Ladakh

भारत सरकार ने लद्दाख की 28 जगहों के आधिकारिक नाम तय किए, अक्साई चिन भी शामिल

October 3, 2026
Load More

गृह मंत्री अमित शाह ने X पर पोस्ट कर कहा है कि अप्राकृतिक तरीके से डेमोग्राफी बदलना किसी भी देश के वर्तमान और भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है. इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हाई-लेवल कमेटी बनाने का ऐलान किया था और अब सरकार ने इस कमेटी का गठन कर दिया है.

उन्होंने बताया कि इस कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड जज प्रकाश प्रभाकर नावलेकर होंगे. कमेटी में जनगणना आयुक्त के साथ-साथ रिटायर्ड आईएएस दुर्गा शंकर शर्मा, रिटायर्ड आईपीएस बालाजी श्रीवास्तव और डॉ. शमिका रवि सदस्य होंगे. गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (foreigners-I) इसके सदस्य सचिव होंगे.

इस कमेटी की जरूरत क्यों?

केंद्र सरकार लंबे समय से डेमोग्राफी चेंज होने की बात करती रही है. पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले से भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेमोग्राफी चेंज को एक बड़ी चुनौती बताया था.

पीएम मोदी ने कहा था, ‘ये घुसपैठिए मेरे देश के नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं. ये घुसपैठिए मेरे देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं. यह बर्दाश्त नहीं होगा. ये घुसपैठिए भोले-भाले आदिवासियों को भ्रमित कर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं.’

तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि एक षड्यंत्र के तहत और सोची-समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है. तब उन्होंने कहा था कि इसलिए एक हाई पावर डेमोग्राफिक मिशन शुरू किया जा रहा है.

अब गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है कि डेमोग्राफिक चेंज हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है.

उन्होंने कहा कि यह कमेटी अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज का मूल्यांकन करेगी और धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का विश्लेषण करेगी और इसका समाधान बताएगी.

डेमोग्राफी चेंज के कारण क्या हैं?

बीजेपी नेताओं की ओर से अक्सर डेमोग्राफी चेंज को लेकर बयान आते रहते हैं. बीजेपी नेता अक्सर घुसपैठ और मुस्लिमों के ज्यादा बच्चे पैदा करने को इसका कारण बताते हैं.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अक्सर दावा करते हैं कि उनके राज्य में डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. पिछले साल अक्टूबर में हिमंता ने एक ग्राफ शेयर किया था और दावा किया था कि असम दशकों से हो रही अवैध घुसपैठ के कारण डेमोग्राफी चेंज का शिकार रहा है. इस ग्राफ में बताया गया था कि 1971 में असम की आबादी में 24.5% मुस्लिम थे, जो अब बढ़कर 38% से ज्यादा हो गए हैं.

सीएम हिमंता ने बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि बंगाल, असम और बिहार में अगले 20 सालों तक चुनाव का एक अहम मुद्दा डेमोग्राफी चेंज ही रहेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि मूल निवासियों पर डेमोग्राफी चेंज का असर अब महसूस होता है.

अमित शाह डेमोग्राफी चेंज के लिए सबसे बड़ा कारण ‘घुसपैठ’ को मानते हैं. पिछले साल अक्टूबर में अमित शाह ने X पर आबादी को लेकर कुछ आंकड़े जारी किए थे. इसमें 1951 से 2011 तक की जनसंख्या के आंकड़े बताए गए थे.

शाह ने दावा किया था कि 2001 से 2011 में हिंदू जनसंख्या में 16.8% की बढ़ोतरी हुई थी और मुस्लिम आबादी 24.6% की दर से बढ़ी. उन्होंने कहा था कि ‘1951 से लेकर 2011 तक जनसंख्या वृद्धि दर में जो असमानता दिखती है, उसका कारण ‘घुसपैठ’ है.’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लव जिहाद’ को डेमोग्राफी चेंज का कारण बताया था. इसी साल जनवरी में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, ‘डेमोग्राफी बदलने की साजिश हो रही है. लव जिहाद के नाम पर हमारी बेटियों के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है, उसे रोका जाएगा.’

बदलती डेमोग्राफी के पीछे बीजेपी नेता तो मुस्लिमों के ज्यादा बच्चे पैदा करने को भी बड़ा कारण बताते रहे हैं. कई बीजेपी नेता खुलेआम बोल चुके हैं कि हिंदुओं को भी ज्यादा बच्चे पैदा करना चाहिए.

बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक बार कहा था कि एक खास समुदाय की आबादी बढ़ने के कारण भारत की डेमोग्राफी बदल रही है.

क्या सच में बदल रही है डेमोग्राफी?

2024 के लोकसभा चुनाव से पहले एक प्रधानमंत्री की इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की एक रिपोर्ट आई थी. यह रिपोर्ट 1950 से 2015 के बीच आबादी में अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी पर थी.

इस रिपोर्ट में 167 देशों में जनसंख्या के हालात पर गौर किया गया था, जहां 1950 से 2015 के बीच बहुसंख्यकों की आबादी में लगभग 22% की गिरावट आई है.

इस रिपोर्ट में बताया गया था कि 1950 से 2015 के बीच हिंदुओं की आबादी में 7.82% की कमी आई है. 1950 में देश की कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 84.68% थी, जो 2015 में घटकर 78.06% हो गई थी. जबकि, इसी दौरान मुस्लिमों की आबादी बढ़ी है. 1950 में देश की आबादी में 9.84% मुस्लिम थे और 2015 में ये 14.09% हो गए. 1950 की तुलना में 2015 में मुसलमानों की आबादी 43.15% बढ़ गई थी.

इस रिपोर्ट में डेमोग्राफी चेंज के कारणों के बारे में नहीं बताया गया था. सिर्फ आबादी के आंकड़ों के हिसाब से बताया था कि आबादी कैसे बदल रही है.

हालांकि, इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि सिर्फ मुसलमानों की ही आबादी नहीं बढ़ी है, बल्कि ईसाइयों और सिखों की आबादी भी बढ़ी है. 1950 में देश की आबादी में 2.25% ईसाई थे, जो 2015 में बढ़कर 2.36% हो गए. इसी तरह सिखों की हिस्सेदारी 1950 में 1.24% थी, जो 2015 में बढ़कर 1.85% हो गई. 1950 से 2015 के बीच ईसाइयों की आबादी 5.38% और सिखों की आबादी 6.58% बढ़ गई थी.

कुल मिलाकर, भारत की बदलती डेमोग्राफी के पीछे घुसपैठ, धर्मांतरण, कथित लव जिहाद और ज्यादा आबादी को बड़ा कारण बताया जाता है. लेकिन अब तक आधिकारिक तौर पर इसका कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है. उम्मीद है इस कमेटी की रिपोर्ट से इस सवाल का जवाब भी मिल जाएगा.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Opposition's

INDIA गठबंधन को विपक्ष से लगा पहला झटका, ये पार्टी विरोध में हुई खड़ी

July 27, 2023
Supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने फैसलों से दिया जवाब!

December 21, 2022

भारतीय लोकतंत्र के दो दीमक

August 17, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • बदलती दुनिया में उभरती और मध्यम शक्तियां साथ आएं : एस. जयशंकर
  • पितृ दोष से मुक्ति के लिए सबसे उत्तम है सर्वपितृ अमावस्या, जानिए पितरों को प्रसन्न करने के उपाय
  • DU में अब एग्जाम पास करने के लिए आसान हुए नियम, जानिए पूरी डिटेल

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.