नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की 2,500 रुपये प्रतिमाह की ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत आपराधिक रिकॉर्ड वाली महिलाओं या उनके परिवारों को लाभ नहीं मिलेगा। इस योजना को पहले ‘महिला समृद्धि योजना’ नाम दिया गया था। योजना के अनुसार, परिवार की केवल सबसे बड़ी महिला ही इस सहायता की पात्र होगी। एक बयान के अनुसार, लाभार्थी के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अनुसार जो महिलाएं पहले से सरकारी पेंशन या किसी अन्य नियमित वित्तीय सहायता का लाभ ले रही हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
दिल्ली सरकार अगले महीने रक्षाबंधन के आसपास इस योजना की शुरुआत कर सकती है। सरकार ने बयान में कहा कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी की लाखों महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और सम्मान को मजबूत करना है। योजना के तहत ऐसे परिवारों को भी लाभ नहीं मिलेगा, जिनके पास चार पहिया वाहन है या जिनके किसी सदस्य का आपराधिक रिकॉर्ड है।
योजना दस्तावेज के अनुसार, 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं इस सहायता के लिए पात्र होंगी। लाभार्थी का कम से कम 10 वर्ष से दिल्ली का निवासी होना आवश्यक होगा तथा प्रत्येक परिवार से केवल एक महिला को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में योजना के शुभारंभ की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे।
सामान्यतः पात्रता की शर्तों में निम्न बातें शामिल होती हैं
- महिला दिल्ली की 10 वर्ष से निवासी हो।
- आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो (अंतिम अधिसूचना के अनुसार आयु सीमा बदल सकती है)।
- परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये तक हो।
- आयकरदाता या कुछ श्रेणियों के सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी पात्र नहीं हो सकते।
- लाभार्थी के पास आधार, बैंक खाता (आधार से लिंक), और आवश्यक निवास प्रमाण होना चाहिए।
- एक परिवार से केवल पात्र महिला को ही लाभ मिलने का प्रावधान हो सकता है।






