Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

तीसरा बच्चा होने पर नहीं लड़ सकते चुनाव; सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त, कहा- बदल गया है देश

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 15, 2026
in राष्ट्रीय
A A
Supreme Court
27
SHARES
887
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत और दूसरे लोकल बॉडी चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों के नियम को जारी रखने की वैधता पर सख्त सवाल उठाए हैं। कोर्ट का कहना है कि आबादी बढ़ने से रोकने के लिए बनाई गई यह पॉलिसी, भारत में घटती फर्टिलिटी रेट को देखते हुए शायद अपना मकसद पूरा कर चुकी है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच ने महाराष्ट्र के एक सरपंच को तीसरा बच्चा होने पर अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह राज्य के कानूनों में ऐसे नियमों को बनाए रखने के पीछे के बड़े तर्क की जांच करने को तैयार है और वकील रुक्मिणी बोबडे से एमिकस क्यूरी के तौर पर मदद मांगी।

जस्टिस नरसिम्हा ने सुप्रीम कोर्ट के 2003 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा, “यह कैसी बेकार पॉलिसी है? जावेद बनाम हरियाणा राज्य मामले पर फिर से विचार करने की जरूरत है। देश बदल गया है।” इस फैसले में लोकल बॉडी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए दो बच्चों के नियम की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा गया था। कोर्ट ने कहा कि तब से भारत के डेमोग्राफिक प्रोफाइल में काफी बदलाव आया है, देश का टोटल फर्टिलिटी रेट अब 1.7 के आसपास है, जबकि केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में फर्टिलिटी रेट कई स्कैंडिनेवियाई देशों से भी कम है।

इन्हें भी पढ़े

modi

सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, वाराणसी एलिवेटिड कॉरिडोर… कैबिनेट मीटिंग में हुए 7 बड़े फैसले

July 15, 2026
pension

सरकार का बड़ा फैसला! अब इन कर्मचारियों को मिलेगा पुरानी पेंशन चुनने की आखिरी मौका

July 15, 2026
women reservation bill

महिला आरक्षण बिल पर ‘इंडिया’ गठबंधन देगी साथ?

July 14, 2026
Nitin Gadkari

अब हवा में उड़ने वाली बसें लाने वाले हैं- एथेनॉल मुद्दे के बीच नितिन गडकरी का बड़ा बयान

July 14, 2026
Load More

जब कई राज्य अब गिरती फर्टिलिटी रेट से जूझ रहे हैं, तो…

बेंच ने कहा, “मौजूदा हालात में आबादी कम करने के लिए इस पॉलिसी को जारी रखना पूरी तरह से गैर-कानूनी हो सकता है।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई राज्य अब गिरती फर्टिलिटी रेट से जूझ रहे हैं, तो आबादी बढ़ने से रोकने के लिए बनाई गई पॉलिसी को जारी रखने का क्या मतलब है। बेंच ने यह भी कहा कि तीन बच्चे होना अपने आप में बहुत आम बात हो गई है। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, “आपकी पीढ़ी या मेरी पीढ़ी में, तीन बच्चे होना बहुत कम होता है। यह सिर्फ़ एक है। इस पॉलिसी का असर खत्म हो गया है। इसे तुरंत वापस ले लेना चाहिए। विरोधी उम्मीदवार इसे हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं। हम इस पॉलिसी को लेकर चिंतित हैं।”

पूर्व सरपंच मंगला भीमराव इंगले की याचिका पर सुनवाई

यह बात तब कही गई जब बेंच महाराष्ट्र की पूर्व सरपंच मंगला भीमराव इंगले की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने महाराष्ट्र ग्राम पंचायत एक्ट, 1959 के सेक्शन 14(1)(j-1) के तहत उन्हें अयोग्य ठहराए जाने के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। यह नियम दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों को पंचायत सदस्य या सरपंच का चुनाव लड़ने या पद पर बने रहने से रोकता है। इंगले बुलढाणा जिले की काकोडा ग्राम पंचायत की सरपंच चुनी गईं।

हालांकि, उनके तीसरे बच्चे होने का आरोप लगाने वाली एक शिकायत के कारण एडिशनल कलेक्टर के सामने कार्रवाई हुई, जिन्होंने अक्टूबर 2024 में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। एडिशनल कमिश्नर ने उनकी अपील खारिज कर दी, और बॉम्बे हाई कोर्ट ने अगस्त 2025 में फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने यह माना कि अधिकारियों ने जिस बर्थ सर्टिफिकेट पर भरोसा किया था, वह एक पब्लिक डॉक्यूमेंट था जिसका सबूतों से कोई लेना-देना नहीं था और इंगले इसे गलत साबित करने में नाकाम रहीं।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

बजट: वादों को पूरा करने का एक साधन

January 8, 2023
registration of birth

जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन के लिए अब बदल जाएंगे नियम!

July 31, 2023
81st birth anniversary of film star 'Rajesh Khann

धूमधाम से संपन्न हुई फिल्म स्टार ‘राजेश खन्ना’ की 81वी जयंती

December 29, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • दिल्ली में SIR की तारीख बढ़ी, जानें- अब कब तक भर सकते हैं एन्यूमरेशन फॉर्म
  • सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, वाराणसी एलिवेटिड कॉरिडोर… कैबिनेट मीटिंग में हुए 7 बड़े फैसले
  • चीन हो गया बेचैन, आखिर इस रेस में भारत से कैसे पिछड़ गए?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.