देहरादून: उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा हैट्रिक के लिए रणनीति तैयार कर चुकी है। नई दिल्ली में हुई भाजपा की हाई लेवल मीटिंग में पार्टी ने न सिर्फ पिछले चुनाव में हारी 23 सीटों पर जोर दिया, बल्कि जेन जी (Gen Z) पर भी विशेष फोकस करने पर विचार किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में युवाओं खासकर जेन-जी के लिए विशेष पहल करने को कहा गया है। इसके लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान पर हुए नीट पेपर लीक प्रकरण में जेन-जी आंदोलन ने सत्तारूढ़ दल भाजपा को आगामी चुनाव के लिए चिंता में डाल दिया है।
बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक में हुए निर्णयों के बारे में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि 23 सीटों के लिए मुख्यमंत्री, सांसद और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खटीमा, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को बदरीनाथ और उन्हें खुद पिरान कलियर सीट जिताने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह सभी हारी हुई एक-एक सीट की जिम्मेदारी सांसद, मंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। पुराने कार्यकर्ताओं को पार्टी के कार्यों से जोड़ा जाएगा। युवाओं को जोड़ने के लिए विधासभाक्षेत्रवार कार्यक्रम किए जाएंगे।
जेन जी पर विशेष फोकस
भाजपा नेतृत्व ने उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ पहली बड़ी बैठक की। बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठन की भूमिका, सरकार की सक्रियता समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई है। केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में एकजुटता और समन्वय के साथ जमीनी काम करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में युवाओं खासकर जेन-जी के लिए विशेष पहल करने को भी कहा गया है।
भाजपा के पुराने मुख्यालय 11 अशोक रोड पर बुधवार शाम को हुई इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत सभी प्रमुख नेता मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने और सरकार की उपलब्धियों व योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से ले जाने पर जोर दिया गया। सरकार को भी कहा गया कि संगठन के साथ व्यापक समन्वय बनाया जाए और एकजुट होकर काम किए जाएं।
कोर कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व ने साफ किया कि राज्य में किसी भी स्तर पर खेमेबाजी नहीं होनी चाहिए। सरकार व संगठन के नेतृत्व की यह जिम्मेदारी होगी कि वह सबको साथ लेकर चलें। चूंकि, सरकार में रहने पर सरकार विरोधी माहौल भी बनता है, इसलिए सतर्कता से आगे बढ़े और लोगों की नाराजगी को दूर करने के साथ उनको साथ जोड़ने को प्राथमिकता पर रखें।
विधानसभा चुनावों को अब छह माह से भी कम समय बचा है, इसलिए अभी से हर बूथ को लक्ष्य बनाकर काम किया जाए। नेताओं के ज्यादा से ज्यादा प्रवास हों, लाभार्थी सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों को भी किया जाए। गौरतलब है कि इसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जब राज्य का दौरा किया था और जो निर्देश दिए थे, उन पर जानकारी ली गई।
संगठन से लेकर प्रदेश सरकार को दिए गए खास दिशा-निर्देश
- एकजुटता और समन्वय के साथ जमीनी काम करने के निर्देश
- जमीनी कार्य करने पर जोर
- उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएं
- सरकार-संगठन में समन्वय रहे
- हर बूथ को लक्ष्य बनाकर कार्य
- किसी स्तर पर खेमेबाजी न हो
- लोगों की नाराजगी दूर करें







