नई दिल्ली: सावन की दूसरी सोमवारी को लेकर बाबा गरीबनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। बाबा गरीबनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए शुक्रवार को बड़ी संख्या में कांवरियों के जत्थे मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन और आशीर्वाद लेने के बाद पहलेजा घाट के लिए रवाना हुए। मंदिर परिसर दिनभर ‘बाबा गरीबनाथ’ के जयघोष से गूंजता रहा। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने दूसरी सोमवारी पर करीब पांच लाख या उससे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया है।
पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचेंगे कांवरिया
शुक्रवार सुबह से ही बाबा गरीबनाथ धाम में भक्तों की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने बाबा का दर्शन और पूजन किया और इसके बाद ‘बाबा गरीबनाथ’ का जयकारा लगाते हुए पहलेजा घाट के लिए रवाना हुए। कांवरियों में सामान्य कांवरिया के साथ डाक कांवरिया भी शामिल हैं। कांवरिया शुक्रवार शाम पहलेजा घाट पहुंचकर गंगा स्नान करेंगे। इसके बाद गंगाजल लेकर पूजा-पाठ और बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद मुजफ्फरपुर के लिए रवाना होंगे। इस बार सावन में चार सोमवारी पड़ रही हैं। पहली सोमवारी पर बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक करने के लिए ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। अब दूसरी सोमवारी को यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
कांवरियों में दिखा खास उत्साह
दूसरी सोमवारी 10 अगस्त को है। इसे लेकर कांवरियों और श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को बाबा गरीबनाथ धाम पहुंचे भक्तों ने कहा कि भगवान शिव देवों के देव हैं और अपने भक्तों पर जल्दी प्रसन्न होते हैं। उनका मानना है कि भगवान शिव स्वयं अपने भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, इसलिए श्रद्धालु पूरे साल सावन का इंतजार करते हैं। कांवरियों ने बताया कि वे बाबा गरीबनाथ पर जलाभिषेक के लिए पैदल यात्रा करते हैं। कई कांवरिया दो दिनों तक पैदल चलकर शहर के अलग-अलग शिविरों में रुकते हुए बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंचते हैं और गंगाजल अर्पित कर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं।
प्रधान पुजारी बोले- दूसरी सोमवारी पर टूट सकता है रिकॉर्ड
बाबा गरीबनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि दूसरी सोमवारी के जलाभिषेक को लेकर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को ही मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ पड़ी और कांवरिया पहलेजा घाट से गंगाजल लेने के लिए रवाना हो गए।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख के आंकड़े को पार कर सकती है। इसमें स्थानीय श्रद्धालु भी शामिल होंगे।
18 घंटे तक अरघा के जरिए होगा जलाभिषेक
पंडित विनय पाठक ने बताया कि दूसरी सोमवारी पर श्रद्धालु अरघा के माध्यम से जलाभिषेक करेंगे। यह व्यवस्था रविवार रात 9 बजे से सोमवार शाम 4 बजे तक यानी करीब 18 घंटे तक चलेगी। इसके बाद गर्भगृह में सीधे जलाभिषेक की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हजारों स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। अरघा व्यवस्था के जरिए एक साथ बड़ी संख्या में कांवरिया अपना गंगाजल अर्पित कर सकेंगे, जिसे बाबा पर चढ़ाया जाएगा। अरघा के पास एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु गर्भगृह में होने वाले जलाभिषेक के दर्शन कर सकेंगे।







