नई दिल्ली। पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किए गए श्राद्ध कर्म से पितर प्रसन्न होते हैं और उनकी आत्मा को शांति मिलती है. पितृ पक्ष के दौरान कई रीति-रिवाज और परंपराएं निभाई जाती हैं. इन्हीं में से एक है शाम के समय दीपक जलाना. मुख्य रूप से पितृ पक्ष के दौरान घर के मुख्य द्वार, दक्षिण दिशा और पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाने की परंपरा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है और इसका महत्व क्या है? आइए जानते हैं पितृ पक्ष में शाम के समय दीपक जलाने के धार्मिक महत्व के बारे में.
शाम के समय दीपक जलाने का महत्व
पितरों को मार्ग दिखाने के लिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान हमारे पितर और पूर्वज सूक्ष्म रूप में पृथ्वी लोक पर आते हैं. सूर्यास्त के समय दिन और रात का मिलन होता है, जिसे संध्या काल कहा जाता है. मान्यता है कि इस समय पितरों की ऊर्जा अधिक सक्रिय होती है. शाम के समय जलाया गया दीपक पितरों के लिए प्रकाश स्तंभ का काम करता है और उन्हें घर की दिशा दिखाने में मदद करता है.
दक्षिण दिशा और यमलोक का संबंध
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण दिशा को पितरों और यमराज की दिशा माना गया है. ऐसे में पितृ पक्ष के दौरान घर की दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से शुभ फल मिलता है. मान्यता है कि ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार को सुख, शांति व समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.
पितृ दोष से मुक्ति
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष हो या जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हों, तो पितृ पक्ष में नियमित रूप से शाम के समय दीपदान करना बहुत ही शुभ होता है. मान्यता है कि इससे पितृ दोष के प्रभाव कम हो सकते हैं और मानसिक शांति मिल सकती है.
पितृ पक्ष में दीपक जलाने के नियम
- पितरों के निमित्त जलाए जाने वाले दीपक में तिल का तेल या सरसों का तेल इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा घी का दीपक भी जलाया जा सकता है.
- पितृ पक्ष में मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल करें. ध्यान रखें कि दीपक टूटा हुआ न हो.
- दीपक जलाने के बाद हाथ जोड़कर दक्षिण दिशा की ओर मुख करें और अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें.
- शाम के समय दीपक जलाते समय स्वच्छता और पवित्रता का पूरा ध्यान रखें.







