नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश विभाग के कुछ अधिकारिक दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि पिछले साल फरवरी में वॉशिंगटन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक पहल, रक्षा समझौतों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों की सोशल मीडिया यूजर्स ने काफी तारीफ की थी. ये पूरी जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग के हाल ही में जारी दस्तावेजों में सामने आई है.
2026 में भी मिले पीएम मोदी और ट्रंप
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप समय-समय पर एक दूसरे से मिलते रहे हैं. दोनों के बीच अक्सर फोन पर बातचीत भी हो जाती है. भले ही अमेरिकी विभाग के हालिया दस्तावेजों में 2025 की मुलाकात का जिक्र है, लेकिन इसी साल 2026 में फ्रांस के एवियन में आयोजित G-7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी. उस तारीफ को भी अमेरिकी सोशल मीडिया में भारत और अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना गया था.
2025 के दस्तावेजों में और क्या लिखा?
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम के तहत जुलाई में जारी किए गए दस्तावेजों में कहा गया है कि पीएम मोदी के समर्थकों ने राष्ट्रपति ट्रंप, उद्योगपति एलन मस्क और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ उनकी मुलाकातों को वैश्विक मंच पर भारत के हितों को आगे बढ़ाने की रणनीतिक कोशिश के रूप में देखा था.
‘पीएम मोदी टफ नेगोशिएटर’
18 फरवरी 2025 की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापार वार्ता और रक्षा समझौतों जैसे मुद्दों पर पीएम मोदी की कूटनीतिक सक्रियता की कई वर्गों में प्रशंसा हुई. राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पीएम मोदी को टफ नेगोशिएटर कहे जाने को भी लोगों ने सकारात्मक रूप से लिया. सोशल मीडिया पर इसे भारत के हितों की मजबूत पैरवी के रूप में देखा गया.
अमेरिकी दूतावास के विश्लेषण में भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा से जुड़ी प्रतिक्रियाओं का अध्ययन किया गया था. इसमें यात्रा को लेकर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की चर्चाओं का उल्लेख किया गया.
नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर से तुलना
रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के व्यक्तिगत संबंधों को भी कई लोगों ने सकारात्मक नजरिए से देखा. एलन मस्क से मुलाकात, भारतीय-अमेरिकियों के साथ संवाद और ट्रंप के साथ खुले प्रेस कार्यक्रम में शामिल होने को भारत के हितों के लिए प्रभावी कूटनीति माना गया.
दस्तावेज में यह भी उल्लेख किया गया कि व्हाइट हाउस के सामने स्थित ऐतिहासिक ब्लेयर हाउस में पीएम मोदी का ठहरना अमेरिका द्वारा भारतीय नेता को दिए गए सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा गया. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की अमेरिकी यात्राओं से भी की.
अमेरिकी दूतावास के अनुसार, इस पहल को भारत में सैन्य तकनीक के सह-उत्पादन और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने वाली सकारात्मक पहल के रूप में सराहा गया. प्रधानमंत्री मोदी ने 13 फरवरी 2025 को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी. ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली अमेरिका यात्रा थी.







