पटना। गुरुजी अपनी कक्षा में बच्चों को क्या और किस तरह से पढ़ा रहे अब इसकी मॉनिटरिंग डिजिटल मोड मे होगी। शिक्षा विभाग के स्तर पर इस बाबत एक डैश बोर्ड तैयार किया जा रहा।
इसमें शिक्षकों द्वारा क्या पढ़ाया जा रहा और किस तरह से पढ़ाया जा रहा, इसकी एक-एक रिपोर्ट उपलब्ध होगी। शिक्षा मंत्री के स्तर पर इसकी नियमित मॉनिटरिंग होनी है। नवंबर से यह व्यवस्था आरंभ होगी।
इस तरह शुरू होगी मॉनिटरिंग की व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने आकलन किया है कि तबादले की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद उसके पास अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध हो जाएंगे। नयी नियुक्ति भी हो रही। इन अतिरिक्त शिक्षिकों का चयन कर और प्रशिक्षण के बाद शिक्षा विभाग उन्हें मॉनीटरिंग के काम में लगाएगा।
इन शिक्षकों उनके जिले के बाहर स्कूलों में भेजा जाएगा। उन्हें यह देखना है कि शिक्षक क्या पढ़ा रहे और कैसे पढ़ा रहे। एक दिन में एक शिक्षक को तीन स्कूलाें का भ्रमण करना है।
उन्हें अपनी रिपोर्ट शिक्षा विभाग में इसके लिए विशेष रूप से बने डैश बोर्ड पर भेजनी है। शिक्षा मंत्री व अधिकारियों के स्तर से इसकी रिपोर्ट देखी जाएगी।
काउंटर चेक के लिए एक विद्यालय में दो बार जाएंगे शिक्षक
शिक्षा विभाग ने मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था को फूलप्रूफ बनाने को ध्यान में रख काउंटर चेक की व्यवस्था भी कर रहा। पहली बार जिस स्कूल में शिक्षक जाएंगे और अपनी रिपोर्ट भेजेंगे, उसकी जांच के लिए पुन: किसी अन्य शिक्षक को उसी विद्यालय में भेजा जाएगा।
दोनों शिक्षकों की रिपोर्ट का मिलान किया जाएगा। अगर दाेनों रिपोर्ट एक जैसी हुई तो आगे का काम आरंभ होगा। यह भी देखा जाएगा कि कक्षा में बच्चे सवाल कर रहे या नहीं। मॉनिटरिंग के शिक्षक जिस विद्यालय में जाने वाले हैं, उसकी जानकारी संबंधित विद्यालय को नहीं होगी।
नवंबर तक आईटी सिस्टम आ जाएगा अस्तित्व में
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से जब इस संबंध में बात हुई, तो उन्होंने बताया कि इस पूरे सिस्टम का संचालन एक आईटी तंत्र के माध्यम से होगा। इस आईटी तंत्र को नवंबर में तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद मॉनीटरिंग का काम आरंभ हो जाएगा।







