विकाश शुक्ला
उमरिया (मध्य प्रदेश)। आज गांधी जयंती के दिन सिंगल टोला रेलवे फाटक की समस्या को लेकर नागरिकों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। सिंगल टोला ब्रिज निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने शांति पूर्ण धरना दिया।

रेलवे फाटक के कारण रोजाना होने वाली परेशानी के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों नागरिकों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांग बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और रेलवे से फाटक की समस्या का स्थायी समाधान करते हुए तत्काल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की।
धरने में क्षेत्र के लोगों ने कहा कि ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद होते ही सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। कुछ देर का इंतजार कई बार लंबा जाम बन जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली वाहनों, मरीजों, राहगीरों, कर्मचारियों और स्थानीय रहवासियों पर पड़ रहा है।
‘गांधी जी ने देश को आजादी दिलाई, हमें फाटक से आजादी चाहिए’
गांधी जयंती के मौके पर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग को अलग अंदाज में रखा। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए संघर्ष किया था, अब सिंगल टोला के लोगों को रोजाना लगने वाले रेलवे फाटक के जाम और परेशानी से आजादी चाहिए।
नागरिकों ने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चों को लेकर निकलने वाले वाहन फाटक पर फंस जाते हैं। वहीं मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी होने की स्थिति बनती है। रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भी फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
सिर्फ फाटक नहीं, रोजमर्रा की जिंदगी का सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह समस्या केवल यातायात की नहीं, बल्कि क्षेत्र की आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी और आपातकालीन आवागमन से जुड़ी समस्या बन चुकी है। फाटक बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की कतार और जाम की स्थिति निर्मित होती है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था जल्द की जाए, ताकि स्कूली वाहनों, एंबुलेंस, मरीजों और आम राहगीरों को बार-बार फाटक पर परेशान न होना पड़े।
शांतिपूर्ण धरने के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि सिंगल टोला रेलवे फाटक की समस्या का समाधान अब उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।







