प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत नवाचार और वित्तीय समावेशन को केंद्र में रखकर अपनी फिनटेक यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने फिनटेक क्षेत्र को देश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए अगली पीढ़ी के नवाचार पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि को भरोसे का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून की चुनौतीपूर्ण तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की, जो वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।
UPI बना भारत की फिनटेक कहानी का सबसे बड़ा चैंपियन
प्रधानमंत्री ने भारत की फिनटेक क्रांति में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की भूमिका को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि देश की फिनटेक यात्रा की चर्चा UPI के प्रभाव को शामिल किए बिना अधूरी रहेगी।
UPI की दसवीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कभी बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रहे लाखों लोग आज डिजिटल अर्थव्यवस्था के सक्रिय भागीदार बन चुके हैं। उनके अनुसार, डिजिटल भुगतान ने बैंकिंग सेवाओं को उन लोगों तक पहुंचाया है, जहां पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था की पहुंच सीमित थी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि अगस्त में UPI के जरिए 24 अरब से अधिक लेनदेन हुए। उन्होंने कहा कि UPI की सफलता केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक बदलाव का उदाहरण है।
11 देशों तक पहुंचा UPI
प्रधानमंत्री ने कहा कि UPI अब 11 देशों में काम कर रहा है और भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था लगातार वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रही है। उन्होंने अगले चरण में भारत के साथ व्यापार करने वाले देशों और बड़ी संख्या में बसे भारतीयों वाले देशों की घरेलू भुगतान प्रणालियों को UPI से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए पैसे भेजने की लागत कम हो सकती है और धन तेजी से उनके परिवारों तक पहुंच सकता है।
घरेलू डिजिटल मानकों पर जोर
प्रधानमंत्री ने विदेशी डिजाइन वाले कार्ड भुगतान मानकों पर लंबे समय से चली आ रही निर्भरता को कम करने और भारत में अपने नियम व प्रोटोकॉल विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय उद्योग वैश्विक स्तर के मानक तैयार करने में सक्षम है।
उन्होंने UPI को वित्तीय समावेशन का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि इसने उन क्षेत्रों और लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाई हैं, जहां पारंपरिक बैंकिंग मॉडल पूरी तरह नहीं पहुंच पाया था।
पेमेंट से आगे बढ़कर क्रेडिट, बीमा और निवेश तक पहुंचे फिनटेक
प्रधानमंत्री ने फिनटेक उद्योग से केवल भुगतान सेवाओं तक सीमित न रहने और क्रेडिट, बीमा, बचत, निवेश तथा पेंशन जैसे क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फिनटेक बाजार में भुगतान के साथ-साथ क्रेडिट लेनदेन की हिस्सेदारी भी बढ़नी चाहिए।
उन्होंने छोटे कारोबारियों के सामने मौजूद क्रेडिट गैप का उदाहरण देते हुए कहा कि डिजिटल लेनदेन का रिकॉर्ड किसी छोटे व्यवसाय की क्षमता और प्रदर्शन को समझने में मदद कर सकता है। फिनटेक तकनीक के जरिए ऐसे कारोबारों की वित्तीय जरूरतों का आकलन कर उन्हें उपयुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने इसे फिनटेक क्षेत्र के अगले बड़े अवसरों में से एक बताते हुए कहा कि छोटे व्यवसायों के लिए तकनीक आधारित वित्तीय मॉडल तैयार करने में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
स्ट्रीट वेंडरों से लेकर गिग वर्कर्स तक वित्तीय सेवाओं का विस्तार
प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इस पहल ने लाखों स्ट्रीट वेंडरों को औपचारिक ऋण व्यवस्था से जोड़ने में मदद की है। उन्होंने बताया कि इससे उनकी औसत वार्षिक आय में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और आवास, पोषण, स्वास्थ्य तथा बच्चों की शिक्षा जैसी जरूरतों तक उनकी पहुंच बेहतर हुई।
उन्होंने फिनटेक उद्योग से डिलीवरी पार्टनर्स और अन्य स्वतंत्र रूप से कमाने वाले लोगों के लिए बचत, पेंशन और बीमा जैसी सेवाओं को भी आसान और सुलभ बनाने का आग्रह किया।
एजेंटिक AI, टोकनाइजेशन और क्वांटम से नई संभावनाएं
प्रधानमंत्री ने एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग को वित्तीय क्षेत्र में बदलाव लाने वाली उभरती तकनीकों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने फिनटेक कंपनियों से इन तकनीकों की संभावनाओं को वास्तविक सामाजिक और आर्थिक लाभों में बदलने की चुनौती स्वीकार करने को कहा।
फिनटेक के लिए चार प्रमुख प्राथमिकताएं
प्रधानमंत्री ने फिनटेक क्षेत्र के लिए चार प्रमुख प्राथमिकताओं पर विशेष जोर दिया— उत्कृष्ट साइबर सुरक्षा, नैतिक डेटा सुरक्षा मानक, नियामक और उद्योग जगत के बीच मजबूत नवाचार इकोसिस्टम, पारदर्शी फिनटेक उपभोक्ता संरक्षण सूचकांक,उन्होंने कहा कि इन मानकों पर गंभीरता से काम करने से भारत का फिनटेक सेक्टर वैश्विक अवसरों का बड़ा केंद्र बन सकता है।
अगली पीढ़ी के इनोवेशन पर फोकस
अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने फिनटेक उद्योग से बड़े पैमाने पर काम करने, व्यापक पहुंच, सुरक्षित सिस्टम, वित्तीय लोकतंत्रीकरण और जनता के भरोसे जैसे मूल्यों को बनाए रखते हुए अगली पीढ़ी के नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा उपलब्धियां अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि बड़े लक्ष्यों की शुरुआत हैं। भारत की फिनटेक यात्रा में UPI के बाद अब छोटे कारोबारों के लिए क्रेडिट, वैश्विक डिजिटल भुगतान कनेक्टिविटी और उभरती तकनीकों को आम लोगों के हित में इस्तेमाल करना अगले महत्वपूर्ण पड़ाव हो सकते हैं।
देखिये पूरी रिपोर्ट:- क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी







