शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी की तल्खी पर गुस्साए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में उन्हें शर्म करने की सलाह दी। गुस्से में सीएम बोले – सदन में आप ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, बाहर कैसा होगा। आप न नियम को मानते हैं और न ही नेताओं को। आपको क्या परेशानी है, पता नहीं। आपके बोलने का तरीका सही नहीं है। आपको अपने ऊपर कंट्रोल नहीं है। दरअसल किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने 10 अगस्त को विधानसभा में विशेषाधिकार हनन संबधित प्रस्ताव दिया था। उन्होंने शनिवार को विधानसभा में इस मामले को उठाया। करीब पौने घंटे तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मामले को लेकर खूब हंगामा चलता रहा।
नेगी ने कहा कि किन्नौर जिले के एक अधिकारी विधायकों के कार्यों में बधाएं पहुंचा रहे हैं। जिला किन्नौर में विधायक की अनदेखी हो रही है। कोटी पंचायत युवक मंडल उत्सव में उन्हें मुख्य अतिथि बुलाया गया, लेकिन बाद में उन्हें इस कार्यक्रम मेें शिरकत होने से रोक दिया गया। बताया गया कि सीएम कार्यालय से आदेश हैं कि उन्हें सरकारी कार्यक्रमों में न बुलाया जाए। कल्पा स्टेडियम में आयोजित फुटबाल संघ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अधिकारी का आना तय हुआ, जबकि समापन में उन्हें बुलाया जाना था लेकिन अधिकारी ने उनकी जगह किसी दूसरे हारे हुए विधायक को आने की बात कही।
उन्होंने कहा कि उन्हें समितियों और लाडा की बैठक में नहीं बुलाया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि उनसे जानकारी मांगी गई है, इसका जवाब दिया जाएगा। सदन में अधिकारी के नाम को लेकर जिक्र नहीं होना चाहिए। वह सदन में जिस तरह जोर-जोर से बोल रहे हैं, यह ठीक नहीं है। वह यहां ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, अधिकारियों के साथ पता नहीं क्या करते होंगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा – अध्यक्ष ने यहां व्यवस्था दे दी है, आप मामले में क्यों पार्टी बन रहे हो।
आप सीएम से कैसा व्यवहार कर रहे : भारद्वाज
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि नेगी जी किस तरह मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा – सवाल आप से नहीं है।
शिकायत आई है सरकार को भेजी है : अध्यक्ष
– विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि शिकायत आई है, उसे सरकार को भेजा गया है। जवाब आएगा तो आपको बता दिया जाएगा।
नेगी आप सिखाएंगे हमें
– जगत सिंह नेगी की ओर से लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा – आप हमें सिखाएंगे। इस पर जगत सिंह नेगी ने कहा – आप मेरे बारे मे न बोलें। इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य सीट पर खड़े होकर एक-दूसरे पर बोलने लगे।
सदन के बाहर आप ठीक, भीतर आपको क्या हो रहा
– विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि नेगी जी! सदन के बाहर आप ठीक होते हैं, भीतर आकर आपको पता नहीं क्या हो जाता है।
हिमाचल विधानसभा सत्र: तीन वर्षों में 5,615 उद्योग लगाने के लिए आए आवेदन
हिमाचल प्रदेश में बीते तीन वर्षों में 20 जुलाई 2022 तक 5,615 उद्योग स्थापित करने के लिए आवेदन आए हैं। 1,604 उद्योग इस अवधि में स्थापित हो चुके हैं। विधानसभा सदन में भाजपा विधायक रमेश धवाला के सवाल पर उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने लिखित में यह जानकारी दी है। मंत्री ने बताया कि सोलन में सबसे अधिक 431, कांगड़ा में 357, मंडी में 269 उद्योग स्थापित हुए हैं। सिरमौर में 123, बिलासपुर में 75, कुल्लू में 48, ऊना में 127, हमीरपुर में 85, शिमला में 56, चंबा में 21, किन्नौर में पांच और लाहौल स्पीति में सात उद्योग स्थापित हुए हैं।
उन्होंने बताया कि सोलन में उद्योग स्थापित करने के लिए 2,506, सिरमौर में 420, कांगड़ा में 832, बिलासपुर में 103, मंडी में 905, कुल्लू में 54, ऊना में 372, हमीरपुर में 257, शिमला में 142, चंबा में 21, किन्नौर में पांच और लाहौल स्पीति में सात आवेदन आए थे। किन्नौर, लाहौल स्पीति में सभी आवेदनों को मंजूरी मिली है। उद्योग मंत्री ने बताया कि विभाग की ओर से विनिवेश पर कोई भी धनराशि व्यय नहीं की गई है।





