नई दिल्ली। बाबा केदारनाथ के धाम में इन दिनों दिवाली की रौनक देखते ही बन रही है. शीतकाल के लिए मंदिर के कपाट बंद होने से पहले पूरे परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है. बाबा के दरबार की खूबसूरती ऐसी है कि नजरें हटाना मुश्किल हो जाए. मंदिर और उसके आसपास करीब 18 से 20 क्विंटल फूलों से सजावट की गई है.
फूलों से सजा केदारनाथ धाम श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है. दिवाली के पावन मौके पर यहां का नजारा भक्तों को आध्यात्मिक आनंद के साथ त्योहार की खुशियां भी दे रहा है. लेकिन इस उत्सव के बीच धाम में शीतकालीन कपाट बंद होने की धार्मिक प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है. ऐसे में बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए यह समय बेहद खास है.
दिवाली के अवसर पर केदारनाथ धाम में सिर्फ बाबा के दरबार की सजावट ही आकर्षण नहीं है. यहां क्षेत्रपाल और धाम के रक्षक भगवान भुकुंड भैरवनाथ जी के कपाट भी आज शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. यह अनुष्ठान धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ संपन्न होगा. भगवान भैरवनाथ के कपाट बंद होने के साथ ही बाबा केदारनाथ के मुख्य मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. मंदिर समिति के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने धाम से इसकी जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि बाबा केदारनाथ के कपाट 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. यानी अब श्रद्धालुओं के पास बाबा के धाम में दर्शन करने के लिए कुछ ही दिन बचे हैं.
20 क्विंटल फूलों से सजा बाबा का दरबार
श्री केदारनाथ धाम के मंदिर और प्रांगण को करीब 18 से 20 क्विंटल अलग-अलग किस्म के रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है. फूलों की सजावट ने पूरे परिसर को भव्य रूप दे दिया है. बाबा के दरबार की अलौकिक छटा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है. श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने इस मौके पर देश और प्रदेश के लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं.
आज बंद होंगे भगवान भुकुंड भैरवनाथ के कपाट
धाम के क्षेत्रपाल और रक्षक भगवान भुकुंड भैरवनाथ जी के कपाट आज धार्मिक परंपराओं के अनुसार बंद किए जाएंगे. इस दौरान स्थानीय हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित समाज और मंदिर समिति के लोग मौजूद रहेंगे. पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी भी अनुष्ठान में शामिल होंगे. भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के साथ ही मुख्य मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
11 नवंबर को बंद होंगे बाबा केदार के कपाट
मंदिर समिति के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती के मुताबिक बाबा केदारनाथ के कपाट 11 नवंबर को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दिवाली के मौके पर धाम पहुंचकर दीप प्रज्वलित करें और दीपोत्सव में शामिल हों. साथ ही मंदिर की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखें. किसी भी तरह की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि से दूर रहें और धाम में शांति व धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने में सहयोग करें.







