नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल 16 मई को ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर वट सावित्री व्रत रखा जाएगा. इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत का संकल्प करती है और वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करती है. इस पूजा और व्रत रखने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है. स्नान-ध्यान कर वट वृक्ष की पूजा करते समय अगर अपनी राशि के अनुसार मंत्र जाप करें तो इसका विशेष लाभ प्राप्त किया जा सकता है. इस मंत्र जाप के उपाय से एक साथ शिव जी और भगवान नारायण प्रसन्न हो जाते हैं.
राशि अनुसार मंत्र जप
मेष राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ महाकाल नमः’
‘ऊँ श्री परमेश्वराय नम:’ मंत्र का जप करें
वृषभ राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ भोलेनाथ नमः’
‘ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:’
मिथुन राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ गोरापति नमः’
‘ऊँ श्री ईश्वराय नम:’
कर्क राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ उमापति नमः’
‘ऊँ श्री चतुर्मूर्तये नम:’
सिंह मेष राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ त्रिपुरारी नमः’
‘ऊँ श्री रामाय नम:’
कन्या राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ नागार्जुन नमः’
‘ऊँ श्री कृष्णाय नम:’
तुला राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ अर्धनारीश्वर नमः’
‘ऊँ श्री वाराहय नम:’
वृश्चिक राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ नीलेश्वर नमः’
‘ऊँ श्री शंख भृते नम:’
धनु राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ मृत्युन्जन नमः’
‘ऊँ श्री ईश्वराय नम:’
मकर राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ नागधारी नमः’
‘ऊँ श्री सुलोचनाय नम:’
कुंभ राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ गोरीशंकर नमः’
‘ऊँ श्री प्रभवे नम:’
मीन राशि के लोग वट सावित्री व्रत की पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
मंत्र है-
‘ॐ देवदेवेश्वर नमः’
‘ऊँ श्री प्रकटाय नम:







