नई दिल्ली। दक्षिण भारत के कई व्यंजनों में कड़ी पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है। खाने के स्वाद को बढ़ाने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इसमें मौजूद फाइबर, आयरन और अन्य पोषक तत्व वजन को कंट्रोल करने, ब्लड शुगर को मैनेज करने और हार्ट हेल्थ को बेहतर करने में मदद करते हैं।दक्षिण भारत के कई व्यंजनों में कड़ी पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है। खाने के स्वाद को बढ़ाने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इसमें मौजूद फाइबर, आयरन और अन्य पोषक तत्व वजन को कंट्रोल करने, ब्लड शुगर को मैनेज करने और हार्ट हेल्थ को बेहतर करने में मदद करते हैं।
करी पत्ते के फायदे
भारत में कई वर्षों से करी पत्ते का इस्तेमाल खाने की चीजों में किया जा रहा है। यह आपके खाने के टेस्ट को बेहतर करने के साथ ही कई तरह के औषधीय गुणों से भी युक्त होता है। इसमें आयरन, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, कैल्शियम और अन्य आवश्यक पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। यह वजन को कंट्रोल करने, ब्लड शुगर को मैनेज करने और हार्ट हेल्थ को बेहतर करने में भी सहायक माना जाता है। यह अन्य कई बीमारियों से भी सुरक्षा करने में मदद करता है। बढ़ते वजन को तेजी से कंट्रोल करने के लिए आज के समय में कड़ी पत्ते के ड्रिंक्स काफी लोकप्रिय हैं। इस लेख में आगे जानते हैं कि कड़ी पत्ते में कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं और कड़ी पत्ते से सेहत को क्या फायदे मिलते हैं?
करी पत्ते में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
हेल्दी और फिट रहना चाहते हैं, तो आप अपनी डाइट में कड़ी पत्ते को शामिल कर सकते हैं। रिसर्चगेट की स्टडी के अनुसार कड़ी पत्ते में आयरन, फॉस्फोरस, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, एंटी इंफ्लेमेटरी तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह आवश्यक विटामिन और मिनरल्स सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
करी पत्तों से मोटापे को घटाएं
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो कड़ी पत्ता आपकी डाइट का हिस्सा बन सकता है। एनसीबीआई की स्टडी के अनुसार कड़ी पत्ते में मौजूद फाइबर और बायोएक्टिव कंपाउंड मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही टोटल लिपिड प्रोफाइल में सुधार करके वजन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इससे शरीर में फैट स्टोर होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।
डायबिटीज के लिए करी पत्तों के फायदे
कड़ी पत्ते का सेवन ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि प्रतिदिन 5 से 12 ग्राम करी पत्ते का पाउडर खाने से खाली पेट और भोजन के बाद का ग्लूकोज स्तर काफी कम हो सकता है। इस पौधे में एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर होते हैं, जो कार्बोहाइड्रेट के पाचन को धीमा करने और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बेहतर परिणाम नजर आते हैं।
एनीमिया को दूर करने में सहायक
आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया को मैनेज करने के लिए डाइट में कई तरह के बदलाव करने की सलाह दी जाती है। इसमें कड़ी पत्तों को भी शामिल किया जाता है। एनसीबीआई की स्टडी के अनुसार पता चलता है कि कड़ी पत्तों के नियमित सेवन से हीमोग्लोबिन (Hb) का स्तर और लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की संख्या में सुधार हो सकता है। साथ ही, आहार में मौजूद आयरन के अवशोषण में सहायता मिलती है। इसके साथ ही, कड़ी पत्ते को विटामिन सी के साथ लिया जाए तो इससे आयरन का अवशोषण बेहतर हो सकता है।
हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाएं
कड़ी पत्ते में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पौधों से मिलने वाले पोषक तत्व हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। एनसीबीआई की स्टडी से पता चलता है कि कड़ी पत्ते ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को कम करने में भी सहायक हो सकता है, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है। इसके साथ ही, हार्ट को हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल में भी कई तरह के बदलाव की आवश्यकता होती है।
एंटी इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर
कड़ी पत्ते में एंटी इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। रिसर्च बताती है कि क्रॉनिक इंफ्लामेशन यानी लंबे समय तक रहने वाली सूजन कई बीमारियों से जुड़ी होती है, जैसे हार्ट डिजीज, मोटापा और डायबिटीज। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
करी पत्ते को डाइट में कैसे शामिल करें?
- कड़ी पत्तें को दाल, सब्जी और सांभर आदि में तड़के के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।
- सुबह के समय आप कड़ी पत्ते की चाय का सेवन कर सकते हैं।
- नारियल की चटनी में आप कड़ी पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- कड़ी पत्ते को पाउडर या साबुत पत्तियों को आप सलाद में डालकर भी सेवन कर सकते हैंं।
कड़ी पत्ते में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं। लेकिन, इसके बावजूद यदि आपको पहले से किसी तरह का रोग है तो ऐसे में आप डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे डाइट में शामिल करें। वजन को कंट्रोल करने, ब्लड शुगर को मैनेज करने, एनीमिया और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में यह फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव भी आपके स्वास्थ्य पर सीधा असर डालते हैं।






