नई दिल्ली : भारत हमेशा से ही पाकिस्तान, अंडरवर्ल्ड माफिया और आतंकियों के निशाने पर रहा है. इन सब का सीधा कनेक्शन पाकिस्तान से रहा है. बीते कुछ समय से कराची में बैठे आतंक के आकाओं का देश में दहशत फैलाने का तरीका बदल रहा है. पाकिस्तान आतंक और अंडरवर्ल्ड माफियाओं की मदद से भारत के युवाओं को खोखला करने की सीजिश रच रहा है. देश में बढ़ रहे ड्रग तस्करी के मामलों की जांच और करवाई करने वाली विभिन्न एजेंसियों ने अब एक बड़ा खुलासा किया है. देश के सबसे बड़े दुश्मन यानी डी गैंग और ड्रग्स के काले कारोबार के बीच रिश्ता स्थापित करता है.
NCB का बड़ा खुलासा
एनसीबी ने हाल ही में भारतीय नौसेना के साथ किए एक ज्वाइंट ऑपरेशन में 60kg हाई क्वालिटी MD ड्रग जप्त किया था. जिसकी कीमत 120 करोड़ बताई आंकी गई थी. वहीं, नवी मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट से जब्त ड्रग और मुंबई एयरपोर्ट पर सेब संतरे की पेटियों में छुपाए 50kg से अधिक कोकेन की कीमत 500 करोड़ से भी अधिक बताई गई थी. पकड़े गए इन सभी ड्रग्स की गहन जांच और आरोपियों से लंबी पूछताछ के बाद एनसीबी को हैरान करने वाली जानकारी प्राप्त हुई.
दाऊद इब्राहिम रच रहा बड़ी साजिश
एनसीबी अधिकारियों ने बताया कि डेढ़ वर्षों में एनसीबी द्वारा आठ सफल ऑपरेशन किए गए, जिनमें जांच कर उन्होंने पाया कि बरामद हुए इन सभी ड्रग्स में एक पैटर्न मिला. जिनका कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे दाऊद इब्राहिम, ड्रग माफिया हाजी सलीम और isis के साथ है.
भारत को दहलाने की कोशिश
एनसीबी के जोनल डायरेक्टर अमित घवटे ने बताया की कैसे ड्रग्स की यह पूरी खेप लगातार अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान के रास्ते ही आ रही है. ये भारत के लिए एक डेडली क्रीसेंट बन चुका है. इस रास्ते से आने वाली ड्रग्स की खेप का संचालन होता है. अधिकारी ने खुलासा किया कि यह तस्कर सिर्फ ड्रग्स ही नहीं बल्कि खतरनाक हथियार जैसे AK 47 की भी तस्करी करते हैं. लेकिन यह अपराधी इतने शातिर होते हैं कि वे समय-समय पर अपने रूट बदलते रहे हैं.
मुंबई निशाने पर
उन्होंने कहा कि अगर इन्हें मुंबई में ड्रग सप्लाई करनी है तो यह देश के दक्षिणी छोर पर पहले ड्रग की खेप को उतारते हैं. फिर उसे अपने नेटवर्क के जरिए सप्लाई करते हैं. कराची से आने वाली यह ड्रग्स ईरानियन नौकाओं के सहारे भारत में आती हैं. यह तस्कर नावों का सहारा इसलिए भी लेते हैं ताकि पकड़े जाने पर वे ड्रग कंसाइनमेंट के सबूत मिटाने के लिए उसे समुद्र में फेक सकें.
भारत को प्लेटफॉर्म की तरह कर रहे इस्तेमाल
एनसीबी ने बताया कि डी गैंग के यह तस्कर भारत की धरती को एक प्लेटफार्म की तरह भी इस्तेमाल करते हैं. जहां से दूसरे देशों में ड्रग की सप्लाई की जाती है. इस खुलासे के बाद विभिन्न जांच एजेंसियों के अधिकारी इस बात से चिंतित हैं की देश में बढ़ते ड्रग के विस्तार की चपेट में कई युवा और बच्चे आ रहे हैं और यह संख्या बढ़ती जा रही है. इन ड्रग की बिक्री से कमाए पैसों का उपयोग यह आतंकी हथियारों की खरीद में करते हैं. इसलिए एजेंसियां इसे देश के खिलाफ प्रॉक्सी वार के रूप में देख रही हैं.







