नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कल यानी शनिवार को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस सख्त है. आज यानी शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी जाएगी. पुलिस ने इसकी वजह इलाके में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 को बताया है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि CJP ने प्रदर्शन की देरी से सूचना दी है.
दिल्ली पुलिस की ज्वॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने कहा, ‘हमें कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास से एक आवेदन प्राप्त हुआ है. यह आवेदन 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के लिए सूचना के संबंध में है… यह प्रदर्शन सीईसी ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही के बारे में था… इस सूचना पर विचार किया गया, और पाया गया कि सूचना बहुत कम समय में दी गई थी, जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, नियोजित प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना प्राप्त होनी चाहिए.’
‘पिछली बार नियमों का पालन नहीं किया गया’
ज्वॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने आगे कहा, ‘यह जिक्र करना भी महत्वपूर्ण है कि पहले के अवसर पर जब कॉकरोच जनता पार्टी को वहां प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति दी गई थी, उन्होंने कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया और उस समय दिए गए अपने ही आश्वासनों का पालन नहीं किया… इसलिए कानूनी निर्देशों का पालन न करने, अपने ही आश्वासन का पालन न करने, और प्रचलित कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण, तथा सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात नियमन बनाए रखने के लिए, इस बार अनुमति अस्वीकार कर दी गई है.’
प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का फैसला
ज्वॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने आगे कहा, ‘CJP के प्रदर्शन को मंजूरी नहीं दी गई है… यह जिक्र करना महत्वपूर्ण है कि नई दिल्ली क्षेत्र में, बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत, सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए, एक उचित निवारक प्रतिबंध लागू है… यह आगे महत्वपूर्ण है कि यदि कोई भी बीएनएसएस की धारा 163 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.’
दिल्ली में कल क्या-क्या बंद रहेगा?
दिल्ली मेट्रो: 57 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद हो सकते हैं
दिल्ली पुलिस ने DMRC से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने को कहा है. प्रतिबंध शुक्रवार रात 9 बजे से लागू किए जाने हैं और शनिवार को स्थिति सामान्य होने तक जारी रह सकते हैं. इन स्टेशनों पर ट्रेन की फ्रीक्वेंसी भी घटाई जा सकती है. इसका मतलब यह नहीं है कि दिल्ली मेट्रो की सभी ट्रेनें बंद रहेंगी.
रेलवे: सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक दिल्ली पहुंचने वाली ट्रेनें रद्द
रेलवे ने शनिवार यानी 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है. यह आदेश उन ट्रेनों पर लागू है जो शुक्रवार को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होतीं और शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच इन दोनों स्टेशनों पर पहुंचतीं. इनमें कुछ राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य प्रमुख ट्रेनें भी शामिल हैं.
शराब की दुकानें: 9 और 10 अक्टूबर को बंद
दिल्ली में सभी खुदरा शराब की दुकानों को 9 और 10 अक्टूबर को बंद रखने का आदेश दिया गया है. आबकारी विभाग ने यह फैसला सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर लिया है. हालांकि, लाइसेंस प्राप्त रेस्तरां, बार और क्लब में शराब की बिक्री सामान्य रूप से जारी रहने की जानकारी दी गई है.
कैब और टैक्सी: नई दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर पाबंदियां संभव
पुलिस ने Ola और Uber जैसी ऐप आधारित कैब सेवाओं के साथ कोआर्डिनेट किया है. नई दिल्ली जिले और संवेदनशील इलाकों की ओर जाने वाली सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सीमित की जा सकती है. यात्रियों को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम तथा अतिरिक्त जांच के लिए तैयार रहना चाहिए.
होटल, गेस्ट हाउस और OYO: नई बुकिंग पर रोक या सीमाएं
पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली और आसपास के कुछ इलाकों में होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने की जगहों को नई बुकिंग सीमित करने या रोकने के लिए कहा है. पहाड़गंज समेत कुछ इलाकों में होटल संचालकों को निर्देश दिए जाने की खबर है.
दिल्ली की सीमाओं पर जांच और सुरक्षा बढ़ाई गई
दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है. बाहर से आने वाले लोगों और वाहनों की जांच की जा सकती है. पुलिस ने भीड़ जुटाने की आशंका वाले लोगों को रोकने या हिरासत में लेने की संभावना जताई है. प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 221 कंपनियां यानी करीब 23,000 कर्मियों को 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए उपलब्ध कराया गया है. हिरासत में लिए जाने वाले लोगों के लिए अलग-अलग जिलों में अस्थायी केंद्र तैयार किए जा रहे हैं.






