Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

धर्मेंद्र प्रधान ने दो बार दिया था इस्तीफा, आखिर तीसरी बार क्यों मानी गई पेशकश?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 26, 2026
in राष्ट्रीय
A A
dharmendra pradhan
25
SHARES
841
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था. हालांकि उनका यह फैसला कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था. खबर है कि NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन के दौरान उन्होंने दो बार पहले भी इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने दोनों बार इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. सरकार का मानना था कि संकट के समय मंत्री का पद छोड़ना समाधान नहीं है, बल्कि व्यवस्था में सुधार करना ज्यादा जरूरी है.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 20 जुलाई को वरिष्ठ मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय बैठक में भी धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा देने की पेशकश की थी. उस समय भी सरकार ने उन्हें पद पर बने रहने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया जारी रखने के लिए कहा था.

इन्हें भी पढ़े

Rajnath

राजनाथ सिंह बोले- भारत डेटा सेंटर बना रहा तो पाकिस्‍तान रेडिकल सेंटर

July 26, 2026
EPFO

EPFO ने ट्रांसफर किया ब्याज का पैसा, बैलेंस चेक करें का यह है 4 तरीका

July 26, 2026
dharmendra pradhan

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- युवाशक्ति ही देश की असली ताकत

July 25, 2026
toll tax

टोल टैक्स में मिलेगी बड़ी राहत, 40% तक होगा सस्ता; NHAI ने बदला फॉर्मूला

July 25, 2026
Load More

सरकार ने पहले क्यों नहीं माना इस्तीफा?

सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व की सोच साफ थी कि किसी मंत्री का इस्तीफा देना सबसे आसान रास्ता होता है, लेकिन इससे समस्या खत्म नहीं होती. सरकार का जोर शिक्षा प्रणाली में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर था. इसी वजह से धर्मेंद्र प्रधान को लगातार काम जारी रखने के लिए कहा गया.

फिर ऐसा क्या हुआ कि फैसला बदल गया?

सूत्रों के मुताबिक, स्थिति उस समय बदली जब छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट की समीक्षा की. बताया गया कि एक छात्र संगठन ने 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ प्रदर्शन जैसी एक और बड़ी रैली निकालने की चेतावनी दी थी.

सरकार पहले से ही इस बात को लेकर चिंतित थी कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए थे. सुरक्षा एजेंसियों ने भी आशंका जताई कि आंदोलन का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं.

सोशल मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट

सूत्रों का दावा है कि डिजिटल निगरानी के दौरान 400 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों को तेजी से बढ़ावा देते पाए गए. इनमें करीब 100 इंस्टाग्राम अकाउंट ऐसे बताए गए, जिन्हें पाकिस्तान से संचालित होने का संदेह है.

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से कुछ अकाउंट पहले भी भारत विरोधी दुष्प्रचार और भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोपों में निगरानी के दायरे में रहे थे.

वहीं, दिल्ली पुलिस की फेस रिकग्निशन प्रणाली के जरिए जंतर-मंतर और उसके आसपास मौजूद करीब 400 ऐसे लोगों की पहचान किए जाने की भी जानकारी सामने आई, जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज थे. सूत्रों के अनुसार, इनमें कुछ लोगों का नाम 20 जुलाई की हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं से भी जोड़ा गया.

राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने का फैसला

सूत्रों के अनुसार, इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आंदोलन को और अधिक भड़कने से रोकना प्राथमिकता है. इसी दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने एक बार फिर इस्तीफा देने की पेशकश की और इस बार सरकार ने उसे स्वीकार करने का फैसला लिया.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया और फिर इसके कुछ ही घंटे बाद वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

CAA पर केजरीवाल को अमित शाह का जोरदार जवाब

March 15, 2024

कुशल भारतीय युवाओं के लिए अन्य देशों में भी उपलब्ध हो रहे हैं रोजगार के अवसर

December 27, 2025
Arvind Kejriwal

अपनी ही बातों में फंसते नजर आ रहे सीएम केजरीवाल!

May 25, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • लालू यादव बेल पर, तेजस्वी यादव पर 22 केस, अब तेज प्रताप जेल में
  • अब पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं, दिल्ली पुलिस ने बनाई स्पेशल टास्क फोर्स
  • बीजेपी में MLC टिकट पर ‘अपनों’ और ‘बाहरियों’ के बीच फंसा पेच!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.