नई दिल्ली: भारत में डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई (UPI) आज सबसे लोकप्रिय और आसान जरिया बन चुका है। किराना दुकान से लेकर बड़े मॉल तक, हर कोई एक क्लिक में यूपीआई से पेमेंट कर रहा है। लेकिन कई बार नेटवर्क की खराबी, सर्वर में गड़बड़ी या ऐप के धीमे काम करने के कारण एक ही ट्रांजैक्शन के लिए बैंक खाते से दो बार पैसे कट (Double Debited) जाते हैं।
ऐसी स्थिति में यूजर्स अक्सर घबरा जाते हैं और परेशान होने लगते हैं कि उनका मेहनत का पैसा कहीं डूब तो नहीं गया। अगर आपके साथ भी कभी ऐसी समस्या होती है, तो यह समझना बेहद जरूरी है कि आखिर यह पैसा कहां जाता है, आरबीआई और एनपीसीआई (NPCI) के इस पर क्या नियम हैं, और आप आसानी से अपना रिफंड कैसे हासिल कर सकते हैं।
जब यूपीआई ट्रांजैक्शन के दौरान आपके खाते से दो बार रकम कट जाती है, तो आमतौर पर दूसरी बार कटी हुई रकम किसी मर्चेंट या व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं होती, बल्कि वह बैंकिंग चैनल और पेमेंट गेटवे के बीच सस्पेंस अकाउंट या इंटरमीडिएट पूल (Intermediate Pool) में अटक जाती है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, ऐसी विफल या डबल कटौतियों के लिए ऑटो-रिवर्सल (Auto-Reversal) की व्यवस्था बनाई गई है। ज्यादातर मामलों में, सिस्टम की ओर से यह तकनीकी खराबी अपने आप पहचान ली जाती है और कटा हुआ पैसा 24 से 48 घंटे के भीतर आपके मूल बैंक खाते में अपने आप क्रेडिट कर दिया जाता है।
यदि तय समय सीमा के भीतर आपका पैसा खुद से वापस नहीं आता है, तो आपको तुरंत कदम उठाने की जरूरत होती है। सबसे पहले, जिस भी यूपीआई ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM) का इस्तेमाल आपने किया है, उसकी ‘Transaction History’ में जाएं। वहां संबंधित ट्रांजैक्शन को चुनकर ‘Help’ या ‘Report an Issue’ के विकल्प पर क्लिक करें और “Double Debit” की शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, आप सीधे अपने बैंक के कस्टमर केयर या नेट बैंकिंग पोर्टल के जरिए भी ‘Dispute’ दर्ज करा सकते हैं। शिकायत दर्ज कराते समय ट्रांजैक्शन आईडी (Transaction ID) और यूपीआई रेफरेंस नंबर (UPI Reference Number/UTR) संभालकर रखें, क्योंकि बैंक को जांच के लिए इसकी आवश्यकता होती है।
आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, विफल या गलत डबल यूपीआई ट्रांजैक्शन का निपटारा बैंकों को ‘T+1’ कार्य दिवस (यानी ट्रांजैक्शन के अगले कामकाजी दिन) के भीतर करना होता है। यदि बैंक निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहक का पैसा वापस करने में विफल रहता है, तो बैंक को प्रति दिन के हिसाब से ग्राहक को हर्जाना (Compensation) देने का प्रावधान है।
यदि ऐप या बैंक में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप एनपीसीआई के आधिकारिक पोर्टल (npci.org.in) पर जाकर ‘Dispute Redressal Mechanism’ के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके बावजूद अगर 30 दिनों तक समाधान न मिले, तो आप आरबीआई के ओम्बड्समैन (RBI Banking Ombudsman) के पास ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।







