नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने रविवार को चौथी सूची जारी की जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत 38 प्रत्याशी हैं। इनमें से एक नाम ऐसा भी है जिसकी वजह से अब दिल्ली चुनाव में ‘कुरान का अपमान’ एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने इसे ‘मुसलमानों की गाल पर तमाचा’ बताते हुए ‘आप’ की घेराबंदी तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी इस मुद्दे को तूल देने में जुट गई है।
किस उम्मीदवार को लेकर विवाद
दरअसल यह पूरा विवाद महरौली सीट पर ‘आप’ के प्रत्याशी को लेकर उत्पन्न हुआ है। पार्टी ने इस सीट से एक बार फिर अपने मौजूदा विधायक नरेश यादव को उतारा है। नरेश यादव को हाल ही में कुरान के अपमान का दोषी करार दिया गया है। अदालत ने उन्हें 2 साल कैद और 11 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके बाद से ही नरेश यादव को ‘आप’ से निकालने की मांग उठ रही थी। लेकिन पार्टी ने उन्हें एक बार फिर मौका देने का फैसला किया। इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है, जिसके सहारे वह दिल्ली के मुसलमानों को अपनी ओर खींचने की कोशिश में जुट गई है।
कुरान के अपमान का क्या है केस
पंजाब में मालेरकोटला जिले की एक अदालत ने 30 नवंबर को अहम फैसला देते हुए नरेश यादव को दो साल की सजा सुनाई। उन पर 11 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कुरान की बेअदबी का यह मामला 2016 का है। मालेरकोटला में पवित्र कुरान के कुछ पन्ने फटे हुए पाए गए थे। पुलिस ने शुरुआत में विजय, गौरव और किशोर पर मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में इस मामले में आप विधायक यादव को गिरफ्तार किया गया था। यादव को मार्च 2021 में अधीनस्थ अदालत ने बरी कर दिया था।
इसके बाद शिकायतकर्ता मोहम्मद अशरफ ने उनको बरी करने के खिलाफ अपील दायर की थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश परमिंदर सिंह ग्रेवाल की अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में यादव को दोषी ठहराया और फैसला सुनाया। नरेश को भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए (किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक आस्था का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के इरादे से जानबूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण कार्य), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया गया।
मुद्दा बनाने में जुटी एआईएमआईएम
नरेश यादव को टिकट दिए जाने के बाद एआईएमआईएम ने ‘कुरान के अपमान’ को बड़ा मुद्दा बना लिया है। पार्टी ने रविवार शाम मुस्तफाबाद में प्रदर्शन किया। ओवैसी की पार्टी मुसलमानों के बीच इस बात को जोरशोर से प्रचारित करने में जुट गई है। एआईएमआईएम के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई ने प्रदर्शन के वीडियो को साझा करते हुए लिखा, ‘आम आदमी पार्टी ने महरौली से ऐसे प्रत्याशी को टिकट दिया जिस पर इस्लाम मजहब की तोहीन और सांप्रदायिक भावना आहत करने के लिए कोर्ट से सजा हुई। इसी के विरोध में दिल्ली में AIMIM के पार्टी कार्यकर्ताओं ने अरविंद केजरीवाल के पुतले पर चप्पल मारकर अपना रोष प्रकट किया। आम आदमी पार्टी को जिन मुसलमानो ने वोट दिया, उनके गाल पर थप्पड़ जड़ा गया है।’ एआईएमआईएम के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठाना शुरू कर दिया है।
क्या आप की बढ़ेगी मुश्किलें?
दिल्ली में पिछले दो विधानसभा चुनावों में दिल्ली के अधिकतर मुस्लिम वोटर्स ने ‘आप’ का साथ दिया है। पार्टी ने दोनों ही चुनावों में उन सभी मुस्लिम बहुल सीटों पर जीत हासिल की है, जिन्हें कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था। उत्तर भारत के राज्यों में अपने विस्तार में जुटी ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम दिल्ली चुनाव में जोरशोर से उतरने जा रही है। पार्टी ने दिल्ली दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन को मुस्तफाबाद से टिकट दिया है। एआईएमआईएम ‘आप’ के मुस्लिम वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश में जुटी है। दूसरी तरफ भाजपा भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठा रही है। पिछले दिनों भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की ओर से इस मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन किया गया था।







