नई दिल्ली। भारत ने 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (आईपीएचओ) में शानदार प्रदर्शन किया और सभी पांच स्वर्ण पदक जीत लिए। कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने चीन, कजाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में 87 देशों के 381 छात्रों ने भाग लिया।
स्वर्ण पदक विजेताओं में पुणे के कनिष्क जैन, इंदौर के ऋद्धेश अनंत बेंदाले, नई दिल्ली के ऋषित गर्ग, मुंबई के श्रेष्ठ सुरैया और अहमदाबाद के स्वरित जोशी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने दी बधाई
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि हमारे युवाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन युवाओं की उपलब्धि हमारी युवा शक्ति की असीमित क्षमता और विज्ञान और अनुसंधान के प्रति उनके जुनून का एक और उदाहरण दर्शाती है। पिछले दशक में हमारे छात्रों ने इस मंच के विभिन्न संस्करणों में असाधारण प्रदर्शन किया है।
एचबीसीएसई ने दिया प्रशिक्षण
परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के राष्ट्रीय केंद्र होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (एचबीसीएसई) ने भारतीय टीम को प्रशिक्षित किया। एचबीसीएसई देश में राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम का नोडल केंद्र है और विज्ञान एवं गणित के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया, ओरिएंटेशन शिविरों और विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करता है।
परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष ने दी बधाई
परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने इस उपलब्धि पर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को बधाई दी।
विभाग ने भारतीय दल के टीम लीडर प्रो. अन्वेष मजूमदार (एचबीसीएसई-टीआईएफआर) और डॉ. लीना जोशी (सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई) के साथ वैज्ञानिक पर्यवेक्षक प्रो. आनंद दासगुप्ता (आईआईएसईआर, कोलकाता) और निशा केलकर (गोगटे-जोगलेकर कॉलेज, रत्नागिरी) तथा एचबीसीएसई के भौतिकी ओलंपियाड दल और मेंटर्स को भी इस सफलता के लिए बधाई दी।







