Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

हर मामले में आगे भारत की हाइड्रोजन ट्रेन, तकनीक में चीन को भी पछाड़ा

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 14, 2025
in राष्ट्रीय
A A
hydrogen train
14
SHARES
477
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भारत ने हाईड्रोजन से चलने वाला इंजन बनाने में चीन को पछाड़ दिया है. देश में शून्य-उत्सर्जन तकनीक वाली हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण शुरू हो गया है. दावा यह किया गया है कि पूरी दुनिया में सबसे अधिक हार्स पावर के हाइड्रोजन इंजन का भारतीय रेलवे ने निर्माण किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैश्नव ने ट्वीट करके यह जानकारी दी कि भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन जल्द आ रही है.

दुनिया की अगर बात करें तो जर्मनी पहला देश था, जिसने सितंबर 2022 में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों की शुरुआत की थी. भारत जर्मनी, फ्रांस, स्वीडेन और चीन के बाद ऐसा देश होगा, जिसने इस हाइड्रोजन इंजन ट्रेन को विकसित किया है. इसकी खासियत यह है कि इसके इंजन के मुकाबले दुनियां में किसी भी देश ने इतने अधिक हार्सपावर का इंजन डेवलप नहीं किया है. इन ट्रेनों में 500 से 600 हॉर्स पावर वाले ट्रेन इंजन हैं.

इन्हें भी पढ़े

examination system

भारत की परीक्षा व्यवस्था पर बढ़ते सवाल, परीक्षाओं में गड़बड़ी का ज़िम्मेदार कौन?

June 27, 2026
climate change

क्लाइमेट चेंज का सबसे ज्यादा असर झेल रहे भारत के बच्चे, UNICEF रिपोर्टसावधान!

June 25, 2026
ice of the arctic

आर्कटिक की पिघलती बर्फ में भारत तलाश रहा अपना भविष्य!

June 25, 2026
BJP and Congress

नागरिकता पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, BJP ने किया पलटवार!

June 25, 2026
Load More

रेल मंत्री ने क्या कहा?
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह पहल भारत को वैश्विक हरित क्रांति के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी और 2070 तक नेट-जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी. इसके पहले अश्विनी वैष्णव ने जुलाई में बताया था कि पहले हाइड्रोजन चालित कोच (ड्राइविंग पावर कार) का ICF, चेन्नई में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया. भारत 1,200 HP हाइड्रोजन ट्रेन विकसित कर रहा है. इससे भारत हाइड्रोजन चालित ट्रेन प्रौद्योगिकी में अग्रणी देशों में शामिल हो जाएगा.

क्यों हम चीन से तुलना करते हैं?
भारत के हाइड्रोजन इंजन की क्षमता 2600 पैसेंजर को ढोने वाली है. इसके साथ ही हार्स पावर के लिहाज से भी अव्वल है. दूसरी तरफ चीन ने शून्य-उत्सर्जन तकनीक और हाइड्रोजन से चलने वाली अपनी जिस हाई-स्पीड ट्रेन का अनावरण किया है, उसकी अधिकतम गति 200 किलोमीटर (124 मील) प्रति घंटा है . चीन ने जर्मनी के बर्लिन में आयोजित परिवहन तकनीक व्यापार मेले इनोट्रांस 2024 में अपने देश की पहली ट्रेन, CINOVA H2 का अनावरण किया था.

वहीं भारत की चार डिब्बों वाली इस हाइड्रोजन ट्रेन की गति 160 किलोमीटर (99 मील) प्रति घंटा है और 15 मिनट में पूरी तरह ईंधन भरने के साथ ही ये 1,200 किलोमीटर की पूरी दूरी तय कर सकती है. इस ट्रेन का डिजाइन इसे 1,000 से ज्यादा यात्रियों को ले जाने की क्षमता देता है. इस ट्रेन का पहला परिचालन हरियाणा के जिन्द और सोनीपत के बीच किया जाएगा. यह रूट लंबाई और इंफ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से उपयुक्त माना गया है.

क्या है भविष्य की योजना?
इस मार्ग पर देश की पहली जीरो-एमिशन ट्रेन दौड़ेगी, जो भविष्य में अन्य गैर-विद्युतीकृत और हेरिटेज रूट्स पर तैनाती के लिए एक टेस्ट मॉडल बनेगी. ये ट्रेन भारतीय रेलवे के महत्वाकांक्षी “हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज” कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण-संवेदनशील और दर्शनीय मार्गों पर रेल यात्रा को डीकार्बोनाइज करना है. इसमें शिमला-कालका, दार्जिलिंग और ऊटी जैसे रूट शामिल हैं. इस कार्यक्रम के तहत 35 हाइड्रोजन ट्रेनें बनाई जाएंगी. हर ट्रेन की लागत 80 करोड़ रुपये होगी. प्रति रूट हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग और रखरखाव सुविधाओं के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे.

ऑसीलेशन ट्रायल का इंतजार
पर्यावरण के लिए बड़ा कदम हाइड्रोजन-संचालित ट्रेनें केवल जलवाष्प उत्सर्जित करती हैं, जिससे यह डीजल इंजन वाली ट्रेनों के लिए एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बन जाती हैं. इसका हरियाणा के जिंद और सोनीपत के बीच ऑसीलेशन ट्रायल किया जाएगा. इस ट्रायल के दौरान ट्रेन में उतना ही वजन रख कर दौड़ाया जाएगा, जितने वजन के पैसेंजर्स इसमें चढ़ेंगे. प्लस्टिक के पीपे में मेटल पाउडर डाल कर 50-50 किलो का वजन बनाया गया है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
pakistan vs india weapons

पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक तनाव, क्या 1971 के बाद सबसे बड़ा युद्ध नजदीक?

May 6, 2025
गंगा विलास’

हाय-तौबा उचित नहीं

January 28, 2023
india economy

विश्व को राह दिखाता भारत

February 22, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • दिल्ली की मंडियों को मिलेगी जाम और बेतरतीब ट्रैफिक से मुक्ति, MCD ने राहत देने बनाया यह धांसू प्लान
  • 5 मिनट में करें अप्लाई, 3 दिन में मिल जाएगा NPS में जमा सारा पैसा
  • दिल्ली की महिलाओं को ‘सुरक्षा कवच’ देने जा रही रेखा सरकार!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.