नई दिल्ली। पंचांग के अनुसार, धनतेरस 6 नवंबर 2026 को पड़ रहा है. इस दिन धन के देवता कुबेर की पूजा होती है. इन्हें धन और देवताओं के खजाने का रक्षक यानी धनपति कहा जाता है. मान्यता है कि धनतेरस के दिन इनकी पूजा से आर्थिक समृद्धि होती है. यही वजह है कि इस दिन लोग घरों और दुकानों में कुबेर यंत्र की स्थापना करते हैं. माना जाता है कि धन की देवी माता लक्ष्मी वहीं निवास करती हैं, जहां कुबेर जी रहते हैं. धनतेरस के दिन कुबेर यंत्र को विधि-विधान से स्थापित करने से धन स्थिर रहता है.
धनतेरस पर कैसे करें कुबेर यंत्र की स्थापना?
- घर या व्यापारिक स्थल पर जहां कुबेर यंत्र स्थापित करना हो, उस स्थान को साफ करें.
- स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर स्थान को गंगाजल या जल से शुद्ध करें.
- यंत्र स्थापित करने से पहले उसके नीचे पीला या लाल कपड़ा बिछाएं.
- कुबेर यंत्र को धूप-दीप दिखाएं. यंत्र पर अक्षत (साबुत अरवा चावल) और कुमकुम चढ़ाएं.
- कुबेर मंत्र- “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा” का कमलगट्टे की माला पर 11, 21 या 108 बार जाप करें.
- यंत्र को स्थापित करने के लिए उत्तर दिशा चुनें. उत्तर दिशा के देवता कुबेर जी माने गए हैं.
किन चीजों से बना कुबेर यंत्र स्थापित करना चाहिए?
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, सोने-चांदी, तांबे, अष्टधातु या भोजपत्र पर बना कुबेर यंत्र स्थापित करना चाहिए.
कहां-कहां स्थापित कर सकते हैं कुबेर यंत्र?
कुबेर यंत्र को घर या व्यापारिक स्थल पर स्थापित किया जा सकता है. ये दोनों जगह कुबेर यंत्र की स्थापना के लिए उचित मानी जाती हैं.
मंत्र जाप “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय…” (कमलगट्टे की माला पर 11, 21 या 108 बार)
“ॐ कुबेराय नमः” (कम से कम 11 बार)
किस मुहूर्त में स्थापित करें कुबेर यंत्र?
धनतेरस पर कुबेर यंत्र की स्थापना करने के लिए दो मुहूर्त शुभ हैं. प्रदोष काल महूर्त शाम 5 बजकर 8 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा वृषभ काल मुहूर्त शाम 5 बजकर 39 मिनट से 7 बजकर 37 मिनट तक रहेगा.
कब करें कुबेर यंत्र की स्थापना?
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, धनतेरस के दिन कुबेर यंत्र स्थापित करने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. चूंकि धनतेरस शुक्रवार को है, इसलिए इस दिन कुबेर यंत्र की स्थापना करना शुभ रहेगा.
क्या दिवाली के दिन कर सकते हैं कुबेर यंत्र की स्थापना?
हां, कुबेर यंत्र की स्थापना धनतेरस के अलावा दिवाली के दिन भी की जा सकती है. इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन भी कुबेर यंत्र स्थापित कर सकते हैं.
दिवाली के दिन कैसे करें कुबेर यंत्र की स्थापना?
- दिवाली के दिन कुबेर यंत्र की स्थापना करते समय उसे दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराएं.
- ध्यान रखें कि केवल धातु (सोना-चांदी, तांबा या अष्टधातु) के कुबेर यंत्र को ही स्नान कराएं. भोजपत्र पर बने कुबेर यंत्र को स्नान न कराएं.
- विधि-विधान से कुबेर यंत्र की पूजा करें और दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके “ॐ कुबेराय नमः” मंत्र का कम से कम 11 बार जाप करें.






