Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

क्या नैरेटिव सेट करने में पिछड़ रही है भाजपा?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 4, 2026
in राजनीति, राज्य
A A
bjp
17
SHARES
577
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन कथित वोट चोरी के खिलाफ अपना अभियान लगातार चला रहा है। ऐसे में भाजपा के कुछ नेताओं का मानना है कि पार्टी इस मुद्दे पर जनता के बीच नैरेटिव सेट करने की लड़ाई में पिछड़ गई है। पार्टी अब भी इसका प्रभावी जवाब तलाश रही है।

शुरुआत में भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के अभियान पर तंज कसा था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित सांकेतिक महाभियोग भी शामिल था। लेकिन अब भाजपा इस अभियान का गंभीरता से जवाब देती नजर आ रही है।

इन्हें भी पढ़े

cm samrat chaudhary

बिहार में विकसित होंगे 5 नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर? 13 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू

November 4, 2026
nitin naveen

30 साल तक बंद रहा खाद कारखाना, अब गोरखपुर बना रहा नई पहचान : नितिन नवीन

November 4, 2026
cm dhami

CM धामी ने केंद्रीय वन मंत्री से की भेंट, हल्द्वानी में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर निर्माण के प्रस्ताव पर की चर्चा

November 4, 2026
indi opposition

बांग्लादेशी घुसपैठियों पर आईना देख क्यों बौखलाया विपक्ष ?

November 3, 2026
Load More

30 अक्टूबर को लखनऊ में उत्तर प्रदेश भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती दी कि वह संसद में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा करे। पहले संसद के मानसून सत्र में भाजपा ने इस मुद्दे पर सीधे चर्चा की मांग ठुकरा दी थी। ऐसे में पार्टी के भीतर अमित शाह के इस बयान को इस बात के संकेत के तौर पर देखा गया कि भाजपा अब उस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है, जिसे पहले वह विपक्ष का शोर बताकर खारिज कर रही थी। पार्टी को लग रहा है कि अब इसका जोरदार जवाब देना जरूरी है।

सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष के अभियान के खिलाफ आक्रामक जवाबी मुहिम शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी ने अपने बड़े नेताओं को देशभर में पदयात्राओं और समानांतर जनसभाओं की जिम्मेदारी सौंपी है। अमित शाह ने खुद हैदराबाद में पदयात्रा का नेतृत्व किया। वहीं, भाजपा समर्थक नागरिक संगठन ‘सिटिजंस फॉर डेमोक्रेसी’ ने दिल्ली में बड़े स्तर पर सांकेतिक संसद का आयोजन किया, ताकि इंडिया गठबंधन के राजनीतिक संदेश का जवाब दिया जा सके।

भाजपा तीन से पांच नवंबर तक चुनाव वाले उत्तर प्रदेश में छह पदयात्राएं भी निकाल रही है। इनमें पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक शामिल होंगे।

भाजपा के कुछ नेताओं को आशंका है कि एसआईआर के खिलाफ विपक्ष का अभियान अब सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रह गया है। पार्टी के रुख में आया बदलाव दिखाता है कि सत्तारूढ़ गठबंधन अब अपने सहज राजनीतिक दायरे से बाहर निकलकर इस अभियान का ठोस जवाब तलाश रहा है।

जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करने और अपने परंपरागत वोट बैंक को बचाए रखने के लिए भाजपा ने वैचारिक हमले भी तेज कर दिए हैं। पार्टी विपक्ष को लगातार ‘राष्ट्रविरोधी’ और ‘हिंदू विरोधी’ बता रही है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष देश में ‘रिजिम चेंज’ की कोशिश कर रहा है और देश को अस्थिर करने के लिए ‘विदेशी ताकतों’ के इशारे पर काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर को विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अब ‘बाधा डालने वाली ताकत’ बन गया है। उन्होंने सवाल किया, “भारत विरोधी ताकतें किसका समर्थन कर रही हैं? भारत के दुश्मनों की भाषा कौन बोल रहा है?”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी को इस मुद्दे पर बहस की चुनौती दी। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने राहुल गांधी पर हमला बोला। किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक असहमति की आड़ में ‘भारत के दुश्मनों’ के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।

भाजपा ने मंगलवार को वामपंथी छात्र नेता नेहा बोरा की ब्राह्मणवाद पर की गई टिप्पणी और उनके इस बयान को भी मुद्दा बनाया कि ‘मंदिरों के अंदर पुजारी बलात्कार करते हैं।’ यह टिप्पणी 2018 के कठुआ मामले के संदर्भ में की गई थी। पार्टी ने कई महीने पहले दिए गए इन बयानों को लेकर नेहा बोरा को विपक्ष के ‘हिंदू विरोधी एजेंडे का पोस्टर गर्ल’ करार दिया।

क्या चुनावी जीत से बात बन जाएगी?

भाजपा के कुछ नेताओं का मानना है कि अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों में निर्णायक जीत, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे अहम राज्य में जीत, विपक्ष के अभियान की धार खत्म कर सकती है। इससे राजनीतिक विमर्श पर भाजपा की पकड़ भी फिर मजबूत हो सकती है।

हालांकि, पार्टी के एक दूसरे धड़े का मानना है कि मौजूदा समय में आक्रामक जवाबी अभियान चलाना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि अगर विपक्ष के अभियान को बिना जवाब दिए आगे बढ़ने दिया गया, तो इससे देश की व्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “पार्टी इस बात को समझती है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष के इस अभियान की वजह से राजग को झटका लगा था कि संविधान खतरे में है। उत्तर प्रदेश में इस अभियान का असर पड़ा था। भाजपा जानती है कि अगर इस तरह का विमर्श बिना किसी जवाब के आगे बढ़ता रहा, तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। यही वजह है कि राहुल गांधी जिस ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को उठा रहे हैं, उसका समय रहते जवाब देना जरूरी है। राहुल चुनावों की वैधता पर सवाल उठाकर और मतदाताओं तथा अपने समर्थकों के मन में संदेह पैदा कर रहे हैं। 2029 के लोकसभा चुनाव से काफी पहले इस अभियान का जवाब देना होगा।”

भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर विपक्ष का अभियान ही राजनीतिक विमर्श की दिशा तय करता नजर आ रहा है। एक नेता ने कहा, “आयोजन और कार्यक्रमों के मामले में विपक्ष ने एक दौर में बाजी मार ली है। सांकेतिक संसद और रामलीला मैदान की रैली सोशल मीडिया पर भाजपा के कार्यक्रमों से पहले चर्चा में आ गए। 2014 में राजनीतिक विमर्श तय करने और सोशल मीडिया पर बढ़त बनाने के मामले में भाजपा आगे थी। लेकिन अब संचार और राजनीतिक विमर्श तय करने के मामले में कांग्रेस काफी आगे निकल गई है, भले ही वह इसके लिए गलत जानकारी का इस्तेमाल कर रही हो। भाजपा को 2014 और 2026 के बीच आए इस बदलाव पर आत्ममंथन करना होगा।”

संगठन के कामकाज से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नीट विवाद के बाद से पार्टी खुद राजनीतिक विमर्श तय करने के बजाय केवल विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दे रही है। नीट विवाद के चलते जुलाई में धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। नेता के मुताबिक, इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर जश्न मनाने की भाजपा की महत्वाकांक्षी योजनाएं भी इस विवाद की वजह से चर्चा में नहीं आ पाईं।

पंजाब में सोमवार दो नवंबर का घटनाक्रम संख्या में छोटा, लेकिन निहितार्थ में बड़ा है। आम आदमी पार्टी (आप) की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद उसके तीन नेताओं का भाजपा में शामिल होना महज दल-बदल नहीं, बल्कि यह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की उस रणनीति का संकेत है, जिसमें वह अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन की प्रतीक्षा करने के बजाय अपनी स्वतंत्र ताकत बढ़ाना चाहती है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Opposition's

विपक्ष को क्यों है जल्द चुनाव की आशंका?

July 7, 2023
केतन अग्रवाल

शादी से पहले मौत या रची गई साजिश? लोहागढ़ किले की रहस्यमयी कहानी

June 23, 2026
CM Dhami

एक जिला, एक मेला’ अभियान : सीएम धामी

November 18, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • विराट कोहली के तूफान में उड़ा न्यूजीलैंड, टीम इंडिया ने जीता पहला वनडे मुकाबला
  • बिहार में विकसित होंगे 5 नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर? 13 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू
  • 30 साल तक बंद रहा खाद कारखाना, अब गोरखपुर बना रहा नई पहचान : नितिन नवीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.