Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

हिन्दू ही नहीं मुस्लिम शासकों ने भी दिखाई राम में आस्था, ये मिले प्रमाण

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 26, 2024
in राज्य
A A
Ayodhya
23
SHARES
755
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। भगवान राम इस धरती के कण-कण में बसते हैं। प्राचीन काल से आजतक समय-समय पर शासकों/राजाओं ने भगवान राम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और राम भक्ति का परिचय अपनी जारी की गई मुद्राओं के माध्यम से दिया। इनमे मुस्लिम शासक भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी विनिमय की मुद्राओं पर भगवान राम का चित्र अंकित किया। इन दुर्लभ मुद्राओं के माध्यम से हिंदू राजाओं से लेकर मुस्लिम शासकों ने भी भगवान राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति को प्रदर्शित करने का कार्य किया।

स्वर्ण, रजत एवं ताम्र धातु के रूप में जारी की गई इन मुद्राओं में राजाओं/शासकों ने भगवान श्रीराम के क्षत्रिय रूप से लेकर माता सीता के वनगमन और राम दरबार तक के चित्र अंकित किए हुए हैं। भगवान राम के प्रति सिक्कों के माध्यम से अपनी भक्ति का परिचय देने में केवल हिंदू राजा ही नहीं बल्कि मुस्लिम शासक भी पीछे नहीं रहे।

इन्हें भी पढ़े

राशन कार्ड

उत्तराखंड में अमीर खा रहे थे गरीबों का राशन, जांच में हुआ खुलासा

August 20, 2026
cm Dhami

इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाते हुए विकास को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता : CM धामी

August 20, 2026
हर्बल आर्ट म्यूज़ियम

हरिद्वार में बना दुनिया का अनोखा हर्बल आर्ट म्यूज़ियम, 65 हजार से ज्यादा दुर्लभ वनस्पति कलाकृतियां

August 19, 2026
पान मसाला

भारत में जब बैन है तो पान मसाला के विज्ञापन कैसे कर लेते हैं स्टार्स?

August 18, 2026
Load More

वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. अमित राय जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि समय-समय पर राजाओं द्वारा जारी की गई ऐसी मुद्राएं बहुत ही कम मिलती हैं जिनपर भगवान राम को अंकित कराया गया है। जैन ने बताया कि वहीं सिक्कों/मुद्राओं की दुनिया की बात करें तो अनेकों ऐसे प्रमाण मिलते हैं जिनके माध्यम से भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा एवं भक्ति को परिलक्षित किया गया है। इतिहासकार डॉ. अमित राय जैन का कहना है कि भगवान राम प्राचीन काल के सिक्कों पर भगवान राम की प्रासंगिकता दिखाई देती है।

ये मिले प्रमाण
1. अहिछत्रा के पांचाल राज्य के समकालीन ताम्र धातु की बनी प्ले पर भगवान श्रीराम की धनुर्धारी छवि को बड़े ही सुंदर ढंग से उकेरा गया है।
2. कालांतर में कुषाण वंश के प्रतापी राजा हुविष्क ने देवी-देवताओं के चित्रों के साथ अपनी मुद्राओं पर भगवान श्रीराम का अंकन कराया। सिक्कों पर श्रीराम की यह छवि सबसे प्राचीन मिलती हैं। इसका प्रचलन द्वितीय सदी के पूर्वाध में किया गया। एक ओर गजरोहि शासक का चित्र है तो दूसरी ओर धनुर्धारी श्रीराम के चित्र को दर्शाया गया है। यह सिक्का 16 ग्राम वजनी था।
3. 12वीं सदी में अजमेर के राजा विग्रहराज द्वारा जो स्वर्ण मुद्राएं चलन में लाए गए उनमें एक ओर भगवान श्रीराम के चित्र व उनके नामोल्लेख श्रीराम के साथ अंकित हैं। वहीं मुद्रा के दूसरी ओर देवनागरी में राजा का नाम विग्रहराज देव लिखा गया है। यह स्वर्ण मुद्रा चार ग्राम वजनी थी।
4. 16वीं सदी में मुगल शासक मौहम्मद अकबर ने भगवान श्रीराम की छवि वाले ऐसी मुद्रा को चलन में लाया जिस पर भगवान राम वनगमन में माता सीता के साथ मौजूद हैं। इस मुद्रा के एक ओर परिशयन लेख भी है। मुस्लिम शासक द्वारा भगवान राम का मुद्रा पर अंकन करना धार्मिक सहिष्णुता का परिचायक रहा होगा।
5. 16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में दक्षिण भारत कुछ शासकों ने भगवान राम की छवि को अपनी मुद्राओं पर अंकित करा अपनी राम भक्ति का परिचय दिया। इनमें तंजोर के नायक एवं विजयनगर के शासकों ने इस प्रकार की मुद्राओं का चयन किया। इस तरह के सिक्कों पर राम दरबार को दर्शाया गया है। ये स्वर्ण मुद्राएं 1.690 ग्राम वजनी की थी। वहीं 17वीं शताब्दी में भी हिंदु राजाओं ने अपनी विनिमय की मुद्राओं पर भगवान राम के चित्र को अंकित करा अपनी राम भक्ति का परिचय दिया।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
खुफिया एजेंसी

खुफिया एजेंसियों में जरूरी सुधार का सही समय

December 9, 2023

पिंजरे तोड़े बिना बचाव नहीं!

July 13, 2022
india-us-3

अमेरिकी धमकी को दरकिनार कर ईरान वाली गलती सुधार रहा भारत

November 11, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • पानी पीने के बाद भी प्यास लग रही, ये दिक्कत तो नहीं?
  • WhatsApp पर PAN और Aadhaar शेयर करने वाले सावधान, आपकी एक गलती बढ़ा सकती है परेशानी
  • छात्र आंदोलन के बाद बीजेपी ने बदली रणनीति! ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ दौरे का बना प्लान

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.