नई दिल्ली। आमतौर पर लोगों के बीच एक धारणा है कि इनकम टैक्स रिटर्न उन लोगों को फाइल करना चाहिए जो टैक्स के दायरे में आते हैं। लेकिन कई ऐसी भी स्थितियां जिसमें होने पर लोगों को आईटीआर फाइल करना चाहिए। आय के अलावा हाई वैल्यू फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन, विदेशी एसेट, बिजनेस टर्नओवर और प्रोफेसनल रिसिप्ट्स पर भी आईटीआई आवश्यक है। आइए एक नजर डालते हैं कि किन लोगों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर भरना अनिवार्य है।
किन लोगों को ITR भरना अनिवार्य है
अगर आपकी आय मौजूदा लिमिट से अधिक है तब की स्थिति में आईटीआर भरना अनिवार्य है। पुरानी टैक्स रिजीम के तहत 60 साल कम की उम्र के व्यक्ति के लिए 2.5 लाख रुपये की इनकम तक कोई टैक्स नहीं लगता है। सीनियर सिटीजन (60 साल से अधिक की उम्र के लोग और 80 साल से कम) के लिए यह सीमा 3 लाख रुपये है। 80 साल से अधिक की उम्र वाले व्यक्ति को 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होता है।
जिसके पास 50 लाख रुपये से अधिक सेविंग डिपॉजिट हो
अगर आप एक या उससे अधिक के बैंक खाते में 50 लाख रुपये से अधिक का डिपॉजिट एक फाइनेंशियल ईयर में करते हैं तो आईटीआर आवश्यक हो जाता है। वह भी तब जब आपकी आय तय सीमा के अंदर ही क्यों ना हो।
करेंट डिपॉजिट 1 करोड़ रुपये से अधिक
किसी व्यक्ति या बिजनेस का डिपॉजिट 1 करोड़ रुपये से अधिक होने की स्थिति में उस वित्त वर्ष का आईटीआर भरना अनिवार्य होता है।
अगर विदेशी यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक का खर्च करते हैं
एक वित्त वर्ष में अगर आप विदेशी यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक का खर्च करते हैं तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना अनिवार्य रहेगा।
बिजली बिल 1 लाख रुपये से अधिक हो
अगर आपका सालाना बिजली बिल 1 लाख रुपये से अधिक का हो तो ऐसी स्थिति में इनकम टैक्स रिटर्न भरना अनिवार्य रहेगा।
बिजनेस टर्नओवर 60 लाख रुपये से अधिक होने पर
60 रुपये से अधिक का टर्नओवर करने वाले व्यक्तियों को भी टैक्स भरना जरूरी रहता है। वह भी तब जब की आय तय लिमिट से कम क्यों ना हो।
TDS और TCS पर लिमिट का ध्यान
अगर किसी एक वित्तीय वर्ष के दौरान टीडीएस या फिर टीसीएस 25000 रुपये से अधिक का रहता है तब भी आईटीआर भरना होगा। सीनियर सिटीजन के लिए यह लिमिट 50,000 रुपये या उससे अधिक की है।
प्रोफेशनल के लिए भी तय है लिमिट
डॉक्टर, वकील, कंसल्टेंट और फ्रीलांसर को भी आईटीआर फाइल करना चाहिए। अगर उनका सालाना बिल 10 लाख रुपये से अधिक का रहता है।
इसके अलावा जिस भी व्यक्ति के पास विदेशों में संपत्ति है और उससे ब्याज कमा रहे हैं। उन्हें भी आईटीआर भरना ही चाहिए।







