Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

भारत की उड़ान, नया इतिहास.. अब ‘मेक इन इंडिया’ के तहत टाटा-दसॉल्ट बनाएंगे राफेल की बॉडी !

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 6, 2025
in राष्ट्रीय
A A
rafale
15
SHARES
485
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर


नई दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन और भारत की टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) के बीच 5 जून 2025 को चार प्रोडक्शन ट्रांसफर एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत राफेल फाइटर जेट के फ्यूजलेज (मुख्य बॉडी) का निर्माण अब भारत में होगा। यह पहली बार है जब राफेल के फ्यूजलेज का उत्पादन फ्रांस के बाहर होगा, और यह भारत की मेक इन इंडिया पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह डील भारत की एयरोस्पेस क्षमताओं को बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में देश की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इन्हें भी पढ़े

Joshimath in the Himalayas

हिमालयी क्षेत्र में क्लाइमेट चेंज और इंसान जिम्मेदार! सरकार अलर्ट

August 14, 2026
Binocular Garuda

अब दुश्मन चाहकर भी नहीं छिप पाएगा, हाई रिजॉल्यूशन गरुड़ बाइनोकुलर लॉन्च

August 14, 2026
Modi-Meloni

मोदी–मेलोनी पर टिप्पणी से गरमाई सियासत, संदीप दीक्षित के बयान पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला

August 14, 2026
भारत-पाकिस्तान विभाजन

विभाजन 1947 का दर्द, सरहदें बदलीं, लेकिन महिलाओं के जख्म आज भी जिंदा हैं!

August 14, 2026
Load More

डील और साझेदारी !

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और दसॉल्ट एविएशन ने हैदराबाद में राफेल फाइटर जेट के फ्यूजलेज के प्रमुख हिस्सों के निर्माण के लिए समझौता किया है। इसमें राफेल के लेटरल शेल्स ऑफ रियर फ्यूजलेज, पूरा रियर सेक्शन, सेंट्रल फ्यूजलेज और फ्रंट सेक्शन शामिल हैं। टाटा हैदराबाद में एक अत्याधुनिक उत्पादन सुविधा स्थापित करेगा, जो उच्च परिशुद्धता (हाई-प्रिसिजन) विनिर्माण के लिए डिज़ाइन की जाएगी।

सुविधा का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 तक प्रति माह दो पूर्ण फ्यूजलेज का उत्पादन करना है। यह उत्पादन न केवल भारतीय नौसेना और वायुसेना के लिए राफेल विमानों की आपूर्ति को सपोर्ट करेगा, बल्कि दसॉल्ट की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा भी बनेगा।

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत

यह साझेदारी भारत सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देना और विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता को कम करना है। इस डील के तहत भारत में हजारों नौकरियों का सृजन होगा और स्थानीय रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता दसॉल्ट के ऑफसेट दायित्वों का हिस्सा है, जो 2016 में भारतीय वायुसेना के लिए 36 राफेल जेट की खरीद और 2025 में भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन जेट की खरीद से जुड़ा है।ऑफसेट नीति के तहत, दसॉल्ट को अनुबंध मूल्य का 50% (लगभग $3.75 बिलियन) भारत में रक्षा विनिर्माण और सेवाओं में निवेश करना होगा।

भारत-फ्रांस रक्षा संबंध

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से मजबूत रहा है। भारत ने 1980 के दशक में मिराज 2000 जेट खरीदे थे और 2016 में 36 राफेल जेट का सौदा किया था, जिसकी लागत लगभग ₹59,000 करोड़ थी।

28 अप्रैल 2025 को, भारत ने फ्रांस के साथ ₹63,000 करोड़ ($7.4 बिलियन) की डील पर हस्ताक्षर किए, जिसमें भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन जेट (22 सिंगल-सीट और 4 ट्विन-सीट ट्रेनर) शामिल हैं। यह डील INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य विमानवाहक पोतों पर तैनाती के लिए है।

पहले की साझेदारियां

दसॉल्ट और टाटा के बीच सहयोग की शुरुआत 2008 में हुई थी, जब दसॉल्ट ने टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ इंजीनियरिंग सेवाओं के लिए एक समझौता किया था। 2016 में, दसॉल्ट ने रिलायंस ग्रुप के साथ एक जॉइंट वेंचर, दसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (DRAL), बनाया था, जो नागपुर में फाल्कन बिजनेस जेट्स और राफेल के कुछ हिस्सों का निर्माण करता है।

हैदराबाद में नई सुविधा

टाटा की हैदराबाद सुविधा भारत की एयरोस्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक महत्वपूर्ण निवेश है। यह राफेल के जटिल फ्यूजलेज हिस्सों के निर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में काम करेगा। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के सीईओ और एमडी सुकरण सिंह ने कहा, “यह साझेदारी भारत की एयरोस्पेस यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राफेल फ्यूजलेज का भारत में उत्पादन टाटा की क्षमताओं पर गहरा भरोसा और दसॉल्ट के साथ हमारी साझेदारी की ताकत को दर्शाता है।”

स्वदेशीकरण को बढ़ावा

यह डील भारत की रक्षा स्वदेशीकरण रणनीति को मजबूत करती है। राफेल के फ्यूजलेज का स्थानीय निर्माण भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाता है। दसॉल्ट ने पहले ही उत्तर प्रदेश के जेवर हवाई अड्डे के पास एक मेंटेनेंस, रिपेयर, और ओवरहॉल (MRO) सुविधा स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो राफेल और मिराज 2000 जेट्स की सर्विसिंग करेगी।

यह साझेदारी भारत में हजारों नौकरियों का सृजन करेगी और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को बढ़ावा देगी।यह दसॉल्ट को भारत में कम लागत पर उत्पादन करने का अवसर देता है, जिससे कंपनी को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा। राफेल मरीन जेट्स भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमता को बढ़ाएंगे, खासकर हिंद महासागर में चीन की बढ़ती नौसैनिक मौजूदगी के जवाब में। भारतीय वायुसेना और नौसेना के बीच राफेल जेट्स की समानता से लॉजिस्टिक्स और संचालन में एकरूपता आएगी, जिससे युद्धक क्षमता में सुधार होगा।

भारत में निर्मित फ्यूजलेज न केवल भारतीय राफेल जेट्स के लिए, बल्कि दसॉल्ट की वैश्विक आपूर्ति के लिए भी उपयोग किए जाएंगे, जिससे भारत वैश्विक एयरोस्पेस बाजार में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा।

चुनौतियां और विवाद

राफेल मरीन डील की लागत ($288 मिलियन प्रति विमान) को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं, क्योंकि यह पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट्स जैसे F-35C की तुलना में महंगा है। 2016 के राफेल सौदे पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, हालांकि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में इन्हें खारिज कर दिया था।

भारतीय वायुसेना ने राफेल के स्रोत कोड तक पहुंच की मांग की थी ताकि स्वदेशी हथियारों जैसे अस्त्र मिसाइल को एकीकृत किया जा सके। हालांकि, फ्रांस ने स्रोत कोड साझा करने से इनकार कर दिया है, जिससे कुछ रणनीतिक तनाव पैदा हुआ है। राफेल मरीन को INS विक्रांत के कॉम्पैक्ट एलिवेटर्स के लिए अनुकूलित करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह मूल रूप से स्की-जंप डेक के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था।

क्या हैं भविष्य की संभावनाएं !

भारतीय वायुसेना 36 राफेल जेट्स पहले से संचालित कर रही है और अतिरिक्त ऑर्डर पर विचार कर रही है, खासकर यदि दसॉल्ट स्वदेशी हथियारों के एकीकरण और पूर्ण तकनीकी हस्तांतरण पर सहमत हो। भारतीय वायुसेना को अपनी 42 स्क्वाड्रन की स्वीकृत ताकत को पूरा करने के लिए और राफेल की जरूरत है, क्योंकि मौजूदा बेड़ा काफी कम है।

दसॉल्ट 2025 में राफेल उत्पादन को प्रति माह 3 से बढ़ाकर 4 विमान करने की योजना बना रहा है, और भविष्य में 5 विमान प्रति माह तक पहुंच सकता है। भारत में नई सुविधा इस लक्ष्य को समर्थन देगी।राफेल की मांग क्रोएशिया, ग्रीस, सर्बिया, मिस्र, कतर, यूएई और इंडोनेशिया जैसे देशों से बढ़ रही है। भारत में उत्पादन सुविधा दसॉल्ट को इन ऑर्डरों को पूरा करने में मदद करेगी।

भारत को वैश्विक एयरोस्पेस आपूर्ति श्रृंखला

दसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के बीच राफेल फ्यूजलेज निर्माण की यह डील भारत के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में एक गेम-चेंजर है। यह भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाता है, साथ ही स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है। हालांकि, लागत, तकनीकी चुनौतियां और स्रोत कोड जैसे मुद्दों पर ध्यान देना होगा। यह साझेदारी न केवल भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग को मजबूत करती है, बल्कि भारत को वैश्विक एयरोस्पेस आपूर्ति श्रृंखला में एक नया स्थान दिलाती है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Iran cybertruck

ईरान ने बनाया ‘समुद्र का साइबरट्रक’, अमेरिका के लिए खतरे की घंटी!

February 22, 2024
PM Modi and vladimir Putin

ईरान के रास्ते भारत और रूस लिखेंगे दोस्ती की नई कहानी

January 14, 2023
NDA and opposition

लोकसभा चुनाव में INDI गठबंधन कर पायेगा मोदी का मुकाबला?

January 7, 2024
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बिहार सरकार देगी तोहफा, कैंप लगाकर दिया जाएगा प्रमाण पत्र
  • नए प्रस्तावों पर काम शुरू, मजबूत होगी रोड कनेक्टिविटी: सीएम धामी
  • दुश्मनों से निपटने की तैयारी: लाल किले पर सुरक्षा का अभेद्य चक्र

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.