नई दिल्ली। पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने से दिल्ली के पार्सल केंद्रों पर अब न सिर्फ डिजिटल भुगतान आसान हुआ है बल्कि क्यूआर कोर्ड से पार्सल की ट्रैकिंग संभव हो रही है।
ग्राहक को पार्सल पहुंचने की एसएमएस से जानकारी दी जा रही है। इस सुविधा से ग्राहक को अपने पार्सल के बारे में पूरी जानकारी मिलती रहेगी। उसके खोने का डर नहीं रहेगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पार्सल किराया का लगभग 100 प्रतिशत भुगतान डिजिटल माध्यमों से किया जा रहा है।
नकद लेनदेन की आवश्यकता खत्म
ग्राहक एवं व्यापारिक संस्थान अब पीओएस मशीन, आनलाइन भुगतान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से भुगतान कर रहे हैं। इससे नकद लेनदेन की आवश्यकता लगभग समाप्त हो गई है तथा भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल, तेज़ एवं पारदर्शी बनी है।
दिल्ली मंडल के सभी पार्सल कार्यालयों में बुक किए जाने वाले प्रत्येक पार्सल पैकेज के लिए बारकोड तैयार कर उसे संबंधित पैकेज पर लगाया जा रहा है।
साथ ही, माल की लोडिंग एवं अनलोडिंग के दौरान लगभग सभी बारकोडयुक्त पैकेजों की स्कैनिंग सुनिश्चित की जा रही है। इससे प्रत्येक पार्सल की आवाजाही का डिजिटल रिकार्ड उपलब्ध रहता है और पार्सल संचालन की निगरानी अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी हो गई है।
ग्राहकों की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए पार्सल बुकिंग के तुरंत बाद पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से ग्राहक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर बुकिंग की पुष्टि का संदेश भेजा जाता है।
इसके अतिरिक्त, बारकोड स्कैनिंग के आधार पर माल की लोडिंग तथा गंतव्य स्टेशन पर अनलोडिंग के समय भी ग्राहकों को एसएमएस के माध्यम से सूचना उपलब्ध कराई जाती है। इससे ग्राहक अपने पार्सल की स्थिति से समय-समय पर अवगत रहते हैं और उन्हें माल की उपलब्धता की जानकारी समय पर प्राप्त हो जाती है।
अनावश्यक देरी से बच रहे ग्राहक
इस डिजिटल सूचना प्रणाली का लाभ यह है कि ग्राहक समय पर अपने पार्सल की डिलीवरी प्राप्त कर पा रहे हैं, जिससे अनावश्यक विलंब से बचाव हो रहा है। साथ ही, समय पर डिलीवरी लेने के कारण ग्राहकों को किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ रहा है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है कि दिल्ली मंडल आधुनिक तकनीक के माध्यम से पार्सल सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, विश्वसनीय एवं ग्राहक-अनुकूल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
डिजिटल भुगतान, बारकोड आधारित ट्रैकिंग तथा वास्तविक समय सूचना प्रणाली जैसी पहलें ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ भारतीय रेल की पार्सल सेवाओं को अधिक दक्ष एवं प्रभावी बना रही हैं।







