नई दिल्ली: बढ़ती महंगाई के बीच दवाओं पर होने वाले खर्च से जूझ रहे आम लोगों के लिए राहत की खबर है। दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने वाली सरकारी संस्था नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 30 दवा फॉर्मूलेशन की खुदरा कीमतें तय कर दी हैं। इस फैसले का सीधा फायदा उन मरीजों को मिलेगा, जिन्हें नियमित रूप से विटामिन, कैल्शियम और अन्य जरूरी दवाओं का सेवन करना पड़ता है।
NPPA द्वारा जिन दवाओं की कीमतें निर्धारित की गई हैं, उनमें विटामिन डी-3 ओरल, कैल्शियम, विटामिन D3 , मेथिलकोलामिन जैसी दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं आमतौर पर हड्डियों की मजबूती, विटामिन की कमी, नसों से जुड़ी समस्याओं और शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टरों द्वारा लिखी जाती हैं।
दवाओं की कीमत की गई निर्धारित
NPPA की अधिसूचना के अनुसार, कैल्शियम और विटामिन आधारित टैबलेट की कीमत 19.78 रुपये प्रति टैबलेट निर्धारित की गई है, जबकि विटामिन डी3 ओरल की कीमत 19.91 रुपये प्रति मिलीलीटर तय की गई है। इसके अलावा दर्द और सूजन में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं की कीमतें भी निर्धारित की गई हैं।
मरीजों को मिलेगी राहत
इन दवाओं का इस्तेमाल बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और लंबे समय तक इलाज करा रहे मरीज करते हैं। ऐसे में कीमतें तय होने से मरीजों को राहत मिलेगी और दवा कंपनियां मनमाने दाम नहीं वसूल पाएंगी। इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को उचित कीमत पर दवाएं उपलब्ध होंगी।
NPPA ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित कीमतें ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO), 2013 के तहत तय की गई हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरी दवाएं आम लोगों की पहुंच से बाहर न हों। सरकार का मानना है कि दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक किफायती बनेंगी और मरीजों पर आर्थिक बोझ कम होगा।







