नई दिल्ली। हिंदू धर्म में नवरात्रि को अत्यंत शुभ माना जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ शारदीय नवरात्रि आरंभ हो जाती है। इस दौरान मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा करने का विधान है। मां दुर्गा के साथ मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

शारदीय नवरात्र की शुरुआत मां दुर्गा की आराधना के साथ होती है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में भक्त मां के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना का विशेष महत्व है। इसे नवरात्र पूजा की शुरुआत माना जाता है।
अत्यंत प्रसिद्ध और प्राचीन झण्डेवाला देवी मंदिर में आज नवरात्र के प्रथम दिन माँ भगवती के प्रथम स्वरूप “माँ शैलपुत्री” की आराधना व पूजा अर्चना पूर्ण विधि – विधान के साथ की गई। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लेने के कारण इन्हें शैलपुत्री नाम से अभिहित किया गया है।

प्रात: 4:00 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर माँ के जयकारों से गूंज उठा। हजारों उपस्थित भक्तों ने माँ झंडेवाली का जयघोष किया l मंदिर प्रबंधन ने आने वाले भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किये हैं, जिन में मुख्यतः रानी झाँसी मार्ग व फ्लैटिड फैक्ट्री कोम्पलेक्स के अतिरिक्त तीन अन्य स्थानों पर भक्तों के वाहन खड़े करने की निःशुल्क व्यवस्था की है। छ: स्थानों पर भक्तों के लिये जूता स्टैंड बनाये गये हैं। सुरक्षा व्यवस्था व्यापक रूप से की गयी है। पूरे परिसर व आसपास 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गये हैं। मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्र की सज्जा भी आकर्षण का केंद्र है l
भक्तों को लाइनों मे कोई असुविधा न हो उसके लिए लाइनों मे पट्टियाँ बिछायी गई हैं व भक्तिमय व मधुर संगीत की व्यवस्था की गई है l प्रातः 4-00 बजे व सायँ 7-00 बजे आरती के द्वारा माँ झण्डेवाली की पूजा-अर्चना की गई, जिस का सीधा प्रसारण मंदिर यू-टयूब चैनल, फेसबुक व मंदिर की वेबसाइट पर किया गया।
बाहर से प्रसाद, फूलमाला व किसी अन्य वस्तु लाने की मनाही है परन्तु आने वाले हर भक्त को निकासी द्वार पर माँ के भण्डारे का प्रसाद दिया जाता है। आज विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा मुख्य प्रांगण में माँ का गुणगान किया गया। दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिये मंदिर का चिकित्सा विभाग भी कार्यरत है जहां पर दक्ष चिकित्सको द्वारा निःशुल्क सेवा 24 घंटे उपलब्ध है l
भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर की ओर से ऑनलाइन दर्शन बुकिंग की भी व्यवस्था की गई है जिसे वे मंदिर की वेबसाइट व ऐप से बुक कर सकते हैं और अपने निर्धारित समय पर विषेश प्रवेश द्वार से सीधे मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।







