Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home व्यापार

डालर के मुकाबले रुपया

पहल टाइम्स डेस्क

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
August 13, 2022
in व्यापार
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

लम्बे समय से स्थिर रुपये में पिछले दिनों अचानक गिरावट आने लगी है, जिसके कारण देश में चिन्ता व्याप्त हो रही है । गौरतलब है कि रुपये और डॉलर का विनिमय दर 6 दिसंबर 2021 को 75.30 रुपये प्रति डॉलर थी, जो 25 अप्रैल 2022 को 76.74 रुपये और 24 मई 2022 को 77.6 रुपए प्रति डॉलर तक पहुंच गई थी । देखना होगा कि कोरोना की शुरुआत (अप्रैल 2020 ) में यह विनिमय दर 76:50 रुपए प्रति डॉलर थी जो बेहतर होती हुई जनवरी 11, 2022 तक आते-आते 74.00 रुपए प्रति डॉलर के आसपास तक पहुंच गई । लेकिन हाल ही में रुपये में आई गिरावट ने वो लाभ समाप्त कर दिया है। लेकिन अभी भी डॉलर अप्रैल 2020 के स्तर के लगभग 1.4 प्रतिशत ही ऊपर है । पिछले कुछ समय से दुनिया भर में महंगाई बढ़ती जा रही है । अप्रैल माह में अमरीका, इंगलैंड और यूरोपीय संघ में महंगाई की दर क्रमश: 8.3 प्रतिशत, 7.0 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत रही। इसी क्रम में भारत में भी अप्रैल माह में खुदरा महंगाई की दर 7.79 प्रतिशत रिकार्ड की गई, जो पिछले 4-5 वर्षों की तुलना में काफी अधिक मानी जा रही है। रुपए में आ रही गिरावट देश में महंगाई की समस्या को और अधिक बढ़ा सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा की एक रपट के अनुसार रुपये में एक प्रतिशत की गिरावट हमारी महंगाई को 0.15 प्रतिशत बढ़ा सकती है, जिसका असर अगले 5 माह में दिख सकता है। समझा जा सकता है कि भारत बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करता है, और पिछले काफी समय से कच्चे तेल की अन्तर्राष्ट्रीय कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। ऐसे में रुपये की गिरावट, भारतीय उपभोक्ताओं के लिये पैट्रोलियम कीमतों को और अधिक बढ़ा सकती है, जिसके कारण कच्चे माल, औद्योगिक ईंधन, परिवहन लागत आदि भी बढ़ सकती है। रिजर्व बैंक इस बात को समझता है कि रुपये की कीमत में गिरावट भारी महंगाई का सबब बन सकती है ।

इतिहास साक्षी है कि तेज महंगाई ग्रोथ पर भी प्रतिकूल असर इलती है। ऐसा इसलिए है कि एक ओर महंगाई को थामने और दूसरी ओर वास्तविक व्याज दर को भी धनात्मक रखने के लिए. रिजर्व बैंक को रेपो रेट को बढ़ाना पड़ता है। ब्याज दरों में वृद्धि ग्रोथ की राह को और मुश्किल बना देती है, क्योंकि उससे उपभोक्ता मांग, व्यावसायिक और इन्फ्रास्ट्रक्टर निवेश सभी पर प्रतिकूल असर डालता है। इसीलिए रिजर्व बैंक को सरकार द्वारा निर्देश है कि वे मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत (जमा घटा 2 प्रतिशत) के स्तर तक सीमित रखे। यानि मुद्रास्फीति की दर को किसी भी हालत में 6 प्रतिशत से अधिक नहीं बढऩे देना है । पिछले लम्बे समय से भारत में रुपये की अन्य करेंसियों के साथ विनिमय दर, बाजार द्वारा निर्धारित होती रही है। सैद्धांतिक तौर पर सोचा जाये तो डॉलर और अन्य महत्वपूर्ण करेंसियों की मांग और आपूर्ति के आधार पर रुपये की विनिमय दर तय होती है । पिछले कुछ समय से हमारे आयात अभूतपूर्व तौर पर बढ़े हैं । हालांकि इस बीच हमारे निर्यात भी रिकार्ड स्तर तक पहुंच चुके हैं, लेकिन आयातों में तेजी से वृद्धि होने के कारण हमारा व्यापार घाटा काफी बढ़ चुका है । अपने देश में पोर्टफोलियो निवेश भी बड़ी मात्रा में आता रहा है । लेकिन पिछले काफी समय से पोर्टफोलियो निवेशक देश से भारी मात्रा में निवेश वापस ले गये हैं ।  इसका असर हमारे शेयर बाजारों पर तो पड़ा है, डॉलरों की आपूर्ति भी उससे प्रभावित हुई है ।

इन्हें भी पढ़े

Post Office

FD जैसी पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में लगाएं पैसा, मिलेगा तगड़ा मुनाफा!

August 22, 2026
AI model 'Param-2

रोटी, कपड़ा और मकान के बाद क्या अब AI बन रहा असल जरूरत!

August 21, 2026
business delhi

दिल्ली में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मिलेगी रफ्तार!

August 21, 2026
E-Rupee

UPI : नया कानून लागू, क्या अब आपको देना होगा ट्रांजैक्शन चार्ज?

August 21, 2026
Load More

रुपये के मूल्य के बारे में सदैव दो प्रकार की राय सामने आती है। एक प्रकार के विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये में अवमूल्यन अवश्यंभावी है और इसलिये रिजर्व बैंक को रुपये के मूल्य को थामने हेतु अपनी बहुमूल्य विदेशी मुद्रा को दाव पर लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा भण्डार घट जाएंगे और रुपये में सुधार भी नहीं होगा। इसलिए रुपये को अपने हाल पर छोड़ देना चाहिये । ऐसे विशेषज्ञों का तर्क यह है कि भारत में आयातों के बढऩे की दर निर्यातों के बढऩे की दर से हमेशा ज्यादा रहती है, इसलिए डॉलरों की अतिरिक्त मांग डॉलर की कीमत को लगातार बढ़ायेगी। उनका यह तर्क है कि जब-जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेंगी, तब-तब रुपये में गिरावट अवश्यक होगी। दूसरे प्रकार के विशेषज्ञों का यह मानना है कि डॉलरों की अतिरिक्त मांग यदाकदा उत्पन्न होती है और फिर से परिस्थिति सामान्य हो जाती है। ऐसे में बाजारी शक्तियां रुपये में दीर्घकालीन गिरावट न लाने पाएं, इसलिए रिजर्व बैंक का विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है। पूर्व में भी रिजर्व बैंक द्वारा अपने भण्डार में से डॉलरों की बिक्री से रुपये को थामने में मदद मिली है। स्थिति सामान्य होने पर रिजर्व बैंक पुन: डॉलरों की खरीद कर अपने विदेशी मुद्रा भण्डारों की भरपाई कर लेता है। इसलिए रुपये के स्थिरीकरण के प्रयास से विदेशी मुद्रा भण्डारों का दीर्घकाल में कोई नुकसान नहीं होता ।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Kiren Rijiju

कश्मीर पर नेहरू ने की पांच सबसे बड़ी भूल… कानून मंत्री किरन रिजिजू ने सबूतों संग गिनाई एक-एक गलती

October 28, 2022
bjp

हिमाचल : इन 3 कारणों से बीजेपी के हाथ से फिसली सत्ता

December 8, 2022
news

मैं एक मीडियाकर्मी हूं गर्व करूं या फिर शर्म…

September 29, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की माधव शाखा में उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया गया रक्षाबंधन उत्सव!
  • सावन मास के चौथे सोमवार को झण्डेवाला देवी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्तों ने श्रद्धापूर्वक किया जलाभिषेक
  • पान मसाला में मिले कैंसर वाले रसायन: 55 इकाइयों में छापा, 15 करोड़ का माल जब्त

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.