नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में ‘शतक’ की अहमियत सिर्फ तीन अंकों का स्कोर नहीं है. यह धैर्य, कौशल, जुनून और मानसिक मजबूती का प्रमाण है. जब कोई बल्लेबाज क्रीज पर खड़ा होकर अपना बल्ला हवा में उठाता है, तो वह केवल रन नहीं बना रहा होता, बल्कि वह इतिहास के पन्नों में अपनी जगह पक्की कर रहा होता है. इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपनी निरंतरता और रनों के अंबार से इस खेल को परिभाषित किया है. अगर हम टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल मैचों को जोड़कर देखें, तो पांच ऐसे दिग्गज बल्लेबाज हैं जिन्होंने शतकों का एवरेस्ट खड़ा किया है.
इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम आता है ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का. 1989 से 2013 तक फैले अपने शानदार करियर में तेंदुलकर ने इस खेल को एक नई ऊंचाई दी. 664 मैचों में 34,357 रन बनाने वाले सचिन का नाम आते ही आंखों के सामने उनकी स्ट्रेट ड्राइव और कवर ड्राइव घूमने लगती है.
उन्होंने 100 इंटरनेशनल शतक लगाए, जो आज भी एक ऐसा शिखर है जिसे छूना हर बल्लेबाज का सपना होता है. तेंदुलकर का करियर केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है. यह एक पूरी पीढ़ी के बचपन की यादें हैं, जो उनके एक-एक रन के साथ जुड़ी हुई थीं. उन्होंने दबाव को झेलने और उसे सफलता में बदलने की जो कला दिखाई, वह आज भी युवा क्रिकेटरों के लिए एक पाठ है.
विराट कोहली के नाम 85 इंटरनेशनल सेंचुरी हैं
सचिन के बाद आज के युग के सबसे महान बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) ने इस सूची में अपना दबदबा बनाया है. 2008 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले कोहली ने 2026 तक इंटरनेशनल क्रिकेट में एक नया मानक स्थापित किया है. उन्होंने 559 मैचों में 85 इंटरनेशनल शतक जड़े हैं.
कोहली की बल्लेबाजी में जो आक्रामकता और ‘चेज मास्टर’ वाली छवि है, उसने वनडे और टी20 क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया है. उनका फिटनेस के प्रति जुनून और रनों की भूख उन्हें तेंदुलकर की विरासत को आगे ले जाने वाला सबसे सक्षम दावेदार बनाती है. 28,215 रन और 52.73 की औसत यह बयां करती है कि कोहली ने केवल रन नहीं बनाए, बल्कि एक ‘मशीन’ की तरह प्रदर्शन किया है.
पोंटिंग ने 560 मैचों में 71 शतक जड़े
इस लिस्ट में तीसरा नाम ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) का है. पोंटिंग का दौर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के प्रभुत्व का दौर था. 1995 से 2012 तक, उन्होंने 560 मैचों में 71 शतक लगाकर यह साबित किया कि वे न केवल एक बेहतरीन कप्तान थे, बल्कि एक शानदार बल्लेबाज भी थे. पोंटिंग की पुल शॉट की तकनीक और उनका आक्रामक रवैया विपक्षी गेंदबाजों के लिए हमेशा खौफ का सबब रहा. उन्होंने 27,483 रन बनाकर यह दिखाया कि कैसे एक आक्रामक लीडर टीम को आगे ले जाता है.
कुमार संगकारा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 63 शतक जड़े
श्रीलंका के कुमार संगकारा इस लिस्ट में अपनी क्लास के लिए जाने जाते हैं. 2000 से 2015 तक, संगकारा ने 594 मैचों में 63 शतक लगाए. उनकी तकनीक में जो कोमलता थी, वह किसी भी विकेट पर रनों की बरसात कर सकती थी. उन्होंने 28,016 रन बनाए, जो उनकी निरंतरता का प्रमाण है. संगकारा ने न केवल एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में अपनी भूमिका निभाई, बल्कि वे दुनिया के सबसे तकनीकी रूप से सक्षम बल्लेबाजों में से एक माने गए.
जैक्स कैलिस मैच पलटने की क्षमता रखते थे
अंत में, जैक्स कैलिस का नाम लिए बिना यह चर्चा अधूरी है. दक्षिण अफ्रीका के इस महान ऑलराउंडर ने 1995 से 2014 के बीच 519 मैचों में 62 शतक जड़े. कैलिस क्रिकेट के इतिहास में सबसे संतुलित खिलाड़ियों में से एक रहे हैं. उन्होंने 25,534 रन बनाए और साथ ही अपनी गेंदबाजी से भी मैच पलटने की क्षमता रखते थे. कैलिस का नाम इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में जो संतुलन दिखाया, वह आधुनिक क्रिकेट में दुर्लभ है.







