नई दिल्ली: ईरानी सरकारी टेलीविजन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे समझौता ज्ञापन में अमेरिकी सैन्य बलों को ईरान के आसपास से हटने और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने की बात कही गई है। इसके बदले में होर्मुज जलडमरूमध्य को युद्ध-पूर्व स्तर पर फिर से खोल दिया जाएगा।
अमेरिका ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। युद्ध को सुलझाने के दबाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज कैबिनेट की बैठक की मेजबानी करेंगे। वहीं, एक इंटरनेट निगरानी संस्था के अनुसार, ईरान ने लगभग 90 दिनों तक चले ब्लैकआउट में कल आंशिक ढील देने के बाद आज मैसेजिंग और ऐप स्टोर पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।
अमेरिका ने बताया-ये सब सही नहीं
बुधवार को व्हाइट हाउस ने समझौता ज्ञापन के मसौदे से संबंधित ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्टों का खंडन करते हुए इसे “पूरी तरह से मनगढ़ंत” बताया। व्हाइट हाउस के रैपिड रिस्पॉन्स अकाउंट ने X पर पोस्ट किया, “ईरानी नियंत्रित मीडिया की यह रिपोर्ट सच नहीं है और उनके द्वारा ‘जारी’ किया गया समझौता ज्ञापन पूरी तरह से मनगढ़ंत है। किसी को भी ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा फैलाई जा रही बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। तथ्य मायने रखते हैं।”
ईरानी सरकारी मीडिया ने रिपोर्ट किया कि समझौता ज्ञापन में अमेरिकी सैन्य बलों को ईरान के आसपास से हटने और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने का प्रावधान है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नाकाबंदी हटाने के लिए तैयार होंगे, बशर्ते ईरान वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे।
बातचीत चल रही है-बोला अमेरिका
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने ईरान के सरकारी टीवी पर आई रिपोर्ट के जवाब में कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, बातचीत सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है और उन्होंने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप केवल अमेरिकी जनता के हित में ही समझौता करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होना चाहिए कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।”







