नई दिल्ली। 5G के बारे में तो आप जानते हैं लेकिन क्या आपने 5.5G के बारे में सुना है? टेक्निकल भाषा में इसे 5G-Advanced भी कहा जाता है। दरअसल यह 5G और 6G के बीच की एक कड़ी की तरह है, जो आपको साधारण 5G के मुकाबले 10 गुना ज्यादा स्पीड और बेहतर कनेक्टिविटी दे सकता है। भारत की दोनों प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां Airtel और Jio इसे चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क स्लाइसिंग और कैरियर एग्रिगेशन के जरिए रोलआउट करने के प्रोसेस में हैं। गौर करने वाली बात है कि इस तकनीक को 6G आने से पहले एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
क्या है 5.5G तकनीक?
- 5.5G या 5G Advanced को ई बिलकुल नई तकनीक नहीं है बल्कि इसे आप मौजूदा 5G नेटवर्क का एक सुपर-एंडवास्ड और सुधरा हुआ रूप मान सकते हैं।
- 6G आने से पहले इसे शुरुआती पड़ाव की तरह माना जा रहा है, जिसे रोलआउट करने का काम दोनों प्रमुख कंपनियां कर रही हैं।
- यह साधारण 5G के बेसिक वर्जन से आगे की तकनीक है। इसे नए सॉफ्टवेयर, एआई और एडवांस एंटीना एल्गोरिद्म के जरिए बैकएंड पर कई गुना बेहतर और मजबूत बनाया गया है।
- आसान तरीके से समझने के लिए इसे किसी फोन के Pro या S वेरिएंट की तरह समझा जा सकता है। जहां नाम वही रहते हुए भी परफॉर्मेंस और क्षमता बेहतर हो जाती है।
साधारण 5G से कैसे अलग है 5.5G तकनीक?
- कुछ स्पेक्स को ध्यान रखते हुए साधारण 5G और 5.5G के फर्क को समझा जा सकता है। जैसे कि साधारण 5G पर स्पीड 1 Gbps तक मिलती है, वहीं 5.5G में यह बढ़कर 10 Gbps डाउनलोड और 1 Gbps अपलोड तक पहुंच सकती है।
- इसके अलावा 5.5G में लेटेंसी सिर्फ 1 मिलिसेकंड रह जाती है। इसेस ऑनलाइन गेमिंग और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे काम बिना बफरिंग के रियल टाइम में होने लगते हैं।
- 5.5G की सबसे बड़ी खूबी इसके बैकएंड आर्किटेक्चर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मौजूद होना है। यह नेटवर्क खुद तय कर सकता है कि यूजर को कब और कितनी स्पीड देनी चाहिए।
- 5.5G नेटवर्क Passive IoT तकनीक को सपोर्ट करता है। इसके जरिए बिना बैटरी वाले छोटे सेंसर्स को भी दुनियाभर के स्मार्ट डिवाइसेज को एक साथ एक ही नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है।
आपके फोन पर कैसे होगा शुरू?
- अगर आप अपने फोन पर 5.5G नेटवर्क का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अलग से कोई सेटिंग्स ऑन करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको 3 आसान शर्तों को पूरा जरूर करना होगा।
- सबसे पहले तो आपको फोन में 5.5G को सपोर्ट करने वाला चिपसेट होना चाहिए। मौजूदा समय में सिर्फ लेटेस्ट फ्लैगशिप प्रोफेसर्स जैसे कि Snapdragon 8 Gen 3 या MediaTek Dimensity 9300 / 8500 Extreme और इसके बाद के वर्जन इसे सपोर्ट करते हैं।
- अगर आपका फोन कंपैटिबल हो, तो मोबाइल कंपनिया एक अपडेट के जरिए बैकएंड से इसे आपके फोन पर इनेबल कर सकती हैं।
- सही चिपसेट के अलावा आपके फोन की नेटवर्क सेटिंग्स भी सही होनी चाहिए। इसके लिए Settings > Mobile Network > SIM पर Preferred Network Type में 5G (Auto) को चुन लें। इससे रोलआउट होते ही आप अपने फोन पर 5.5G नेटवर्क को इस्तेमाल कर सकेंगे।







