नई दिल्ली। अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के बीच एक हाई-वोल्टेज रणनीतिक मुकाबला देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान एक संदिग्ध मिसाइल परीक्षण की तैयारी में था, लेकिन भारतीय नौसेना ने ऐन वक्त पर अपना सबसे आधुनिक मिसाइल ट्रैकिंग युद्धपोत INS ध्रुव तैनात कर पड़ोसी देश के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
पाकिस्तान की ‘खुराफात’ और भारत का जवाब
पाकिस्तान ने 14-15 अप्रैल के लिए अरब सागर में एक NOTAM और मैरीटाइम वॉर्निंग जारी की थी। कराची, ओरमारा, ग्वादर और सोनमियानी के पास लगभग 415 से 450 किलोमीटर के दायरे को ‘खतरनाक क्षेत्र’ घोषित किया गया था। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के परीक्षण शुरू करने से 24 घंटे पहले ही, यानी 13 अप्रैल को भारत ने INS ध्रुव को अरब सागर में उतार दिया। भारत के इस कदम ने पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से बैकफुट पर धकेल दिया है।
क्या लॉन्च करने वाला था पाकिस्तान?
पाकिस्तानी सेना ने आधिकारिक तौर पर अपनी योजना नहीं बताई है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों के दो मुख्य अनुमान हैं। पाकिस्तान अपनी किसी ‘सतह से सतह’ मार करने वाली मिसाइल या समुद्र से लॉन्च होने वाले लॉन्ग-रेंज सिस्टम का परीक्षण करना चाहता है। या फिर मुमकिन है कि पाकिस्तान अपनी नौसैनिक क्षमताओं या किसी नए रणनीतिक प्लेटफॉर्म का आकलन कर रहा हो।
दुश्मन की ‘जासूसी’ में माहिर है INS ध्रुव
भारत का INS ध्रुव कोई साधारण युद्धपोत नहीं है, बल्कि यह समंदर में भारत की ‘आंख और कान’ है। इसे दुश्मन की मिसाइलों को ट्रैक करने और उनकी खुफिया जानकारी जुटाने के लिए ही बनाया गया है। यह दुश्मन के रडार सिग्नल और इलेक्ट्रॉनिक उत्सर्जन का पता लगा सकता है, जिससे भविष्य में उनके ठिकानों को निशाना बनाना आसान हो जाता है। अगर पाकिस्तान कोई नया क्रूज या बैलिस्टिक सिस्टम लॉन्च करता है, तो INS ध्रुव उसके हर मूवमेंट का डेटा भारतीय नौसेना को दे देगा।
समंदर में शुरू हुआ ‘तकनीकी युद्ध’
अरब सागर अब डेटा और खुफिया जानकारी जुटाने की एक बड़ी रेस का मैदान बन गया है। भारत और पाकिस्तान दोनों ही एक-दूसरे की नौसैनिक तैयारियों और तकनीकी क्षमताओं की जानकारी जुटाने में लगे हैं। INS ध्रुव की मौजूदगी का मतलब है कि पाकिस्तान अब जो भी परीक्षण करेगा, उसकी हर बारीक जानकारी भारत के पास होगी। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी मनोवैज्ञानिक और तकनीकी हार है।
शांति के दावों के बीच सैन्य शक्ति प्रदर्शन
एक तरफ दुनिया भर में अमेरिका और ईरान के बीच 16 अप्रैल को होने वाली शांति वार्ता की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत और पाकिस्तान के बीच समंदर में यह ‘साइलेंट वॉर’ जारी है। वैसे कुल मिलाकर भारतीय नौसेना की यह मुस्तैदी दिखाती है कि भारत भी अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और पड़ोसी की हर हरकत पर पैनी नजर रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।






