नई दिल्ली। अगर आप सरकारी नौकरी में हैं या आपके परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। आंध्र प्रदेश सरकार ने कुछ कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme-OPS) में वापस जाने का एकमुश्त मौका दिया है। हालांकि, यह सुविधा सभी कर्मचारियों को नहीं मिलेगी, बल्कि केवल उन्हीं लोगों को इसका लाभ मिलेगा, जो सरकार द्वारा तय की गई शर्तों को पूरा करते हैं। खास बात यह है कि यह वन-टाइम ऑप्शन होगा, यानी एक बार अगर कर्मचारी OPS चुन लेता है, तो फिर दोबारा CPS (Contributory Pension Scheme) में लौटने का विकल्प नहीं मिलेगा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
दरअसल, आंध्र प्रदेश सरकार ने 13 जुलाई 2026 को जारी अपने आदेश में कहा है कि जिन कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया 1 सितंबर 2004 से पहले शुरू हुई थी, लेकिन किसी कारणवश उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2004 या उसके बाद हुई, उन्हें अब पुरानी पेंशन योजना चुनने का मौका दिया जाएगा। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में 1 सितंबर 2004 से पुरानी पेंशन योजना की जगह CPS (Contributory Pension Scheme) लागू कर दी गई थी। इससे पहले केंद्र सरकार 1 जनवरी 2004 से NPS (National Pension System) लागू कर चुकी थी।
सरकार के इस फैसले का फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्हें भर्ती विज्ञापन पुरानी पेंशन व्यवस्था के दौरान जारी होने के बावजूद नई पेंशन व्यवस्था के तहत शामिल कर दिया गया था। ऐसे कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन का विकल्प देने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें एक बार फिर OPS चुनने का अवसर दिया है। यह फैसला काफी हद तक केंद्र सरकार के मार्च 2023 के उस निर्णय जैसा है, जिसमें केंद्र ने भी ऐसे कर्मचारियों को OPS में जाने का विकल्प दिया था, जिनकी भर्ती का विज्ञापन 1 जनवरी 2004 से पहले निकला था, लेकिन जॉइनिंग उसके बाद हुई थी।
हालांकि, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि संबंधित पद के लिए भर्ती का विज्ञापन या नोटिफिकेशन 1 सितंबर 2004 से पहले जारी हुआ होना चाहिए। दूसरी शर्त यह है कि कर्मचारी की नियुक्ति 1 सितंबर 2004 या उसके बाद हुई हो और वह वर्तमान में CPS के अंतर्गत कार्यरत हो। आवेदन करते समय कर्मचारी को अपनी नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग से जुड़े दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इसके अलावा सरकार द्वारा जारी आदेश के तीन महीने के भीतर निर्धारित फॉर्म के जरिए OPS का विकल्प चुनना होगा। अगर सरकार समय सीमा बढ़ाती है, तो उसी के अनुसार आवेदन किया जा सकेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी तय समय के भीतर OPS का विकल्प नहीं चुनेंगे, वे आगे भी CPS (Contributory Pension Scheme) के तहत ही बने रहेंगे। वहीं, जिन्होंने OPS चुन लिया, उनके लिए यह निर्णय अंतिम और अपरिवर्तनीय होगा। बाद में वे दोबारा CPS में वापस नहीं जा सकेंगे।
आंध्र प्रदेश सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह फैसला केवल एक विशेष कैटेगिरी के कर्मचारियों के लिए एक बार की खास राहत (One-time Measure) है। इसे भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी या कैटेगिरी के लिए मिसाल (Precedent) नहीं माना जाएगा। सरकार जल्द ही वित्त विभाग और ट्रेजरी विभाग के माध्यम से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी, जिसमें यह बताया जाएगा कि कर्मचारी OPS का विकल्प कैसे चुनेंगे और CPS में जमा राशि का आगे क्या होगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पुरानी पेंशन योजना में सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी मिलती है, जबकि CPS/NPS बाजार आधारित निवेश पर निर्भर होती है। ऐसे में जिन कर्मचारियों को यह अवसर मिला है, उनके लिए समय रहते सही फैसला लेना बेहद जरूरी होगा।







