प्रकाश मेहरा
एक्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, महंगाई भत्ता (डीए) लागू करने और पेंशनर दंपतियों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने 5 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। समिति का दावा है कि यह आंदोलन देशभर के करीब 81 लाख EPS-95 पेंशनर्स की आवाज बनेगा।
सोमवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेसवार्ता में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत ने कहा कि संगठन पिछले दस वर्षों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे पेंशनर्स में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
नियमित बढ़ोतरी का कोई प्रावधान नहीं
राऊत के अनुसार, वर्तमान में EPS-95 योजना के तहत पेंशनर्स को औसतन 1,171 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल रही है, जो बढ़ती महंगाई और दैनिक जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है। उन्होंने कहा कि एक बार पेंशन निर्धारित होने के बाद उसमें नियमित बढ़ोतरी का कोई प्रावधान नहीं है, जबकि दवाइयों, इलाज और अन्य आवश्यक खर्चों में लगातार वृद्धि हो रही है।
समिति की प्रमुख मांगों में न्यूनतम 7,500 रुपये मासिक पेंशन, उस पर महंगाई भत्ता (डीए) तथा पेंशनर दंपतियों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा शामिल हैं। समिति का कहना है कि इन मांगों को लेकर कई बार केंद्र सरकार के समक्ष ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के बावजूद
प्रेसवार्ता में समिति ने यह भी कहा कि 4 अक्टूबर 2016 और 4 नवंबर 2022 को उच्च पेंशन से जुड़े आए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के बावजूद पात्र पेंशनर्स को अब तक उसका पूर्ण लाभ नहीं मिल पाया है। समिति के अनुसार, इस विषय पर प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, श्रम मंत्री और संबंधित अधिकारियों से कई बार आग्रह किया गया, लेकिन समाधान अभी तक नहीं निकल सका है।
प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय सचिव रमेश बहुगुणा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजीव भटनागर, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बी.एस. नरखेड़े सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।







