नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण शमन कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में सर्दियों से पहले और उसके दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए समयबद्ध, समन्वित और परिणामोन्मुखी कार्रवाई पर जोर दिया गया। यादव ने दिल्ली के चिन्हित 37 हॉटस्पॉट पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित करने और प्रत्येक हॉटस्पॉट के लिए स्पष्ट कार्रवाई बिंदु तय कर उनकी निगरानी करने के निर्देश दिए।
हॉटस्पॉट पर जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश
भूपेंद्र यादव ने कहा कि हॉटस्पॉट-विशिष्ट स्पष्ट लक्ष्य, समन्वित प्रवर्तन, नागरिक सहभागिता और निरंतर समीक्षा वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जन प्रतिनिधियों को हॉटस्पॉट का दौरा कर धरातल पर प्रदूषण शमन उपायों की समीक्षा करने को कहा। क्षेत्र-विशिष्ट कार्रवाई के जरिए प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों से प्रभावी ढंग से निपटने पर जोर दिया गया।
पराली और कृषि प्रदूषण पर समन्वित कार्रवाई
बैठक में कृषि गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र और एनसीआर राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्री और एनसीआर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ बैठक आयोजित करने की बात कही गई। एनसीआर क्षेत्रों की कार्ययोजनाओं को 10 अक्टूबर से पहले अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया।
निर्माण और यातायात पर निगरानी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्णयों और कार्रवाई बिंदुओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने प्रवर्तन और यातायात प्रबंधन में एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा निर्माण स्थलों पर कैमरों सहित तकनीक के अधिक इस्तेमाल की बात कही। श्मशान घाटों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए तकनीकी उपायों और विद्युत शवदाह सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
‘पीयूसीसी नहीं, ईंधन नहीं’ मिशन मोड में
बैठक में दिल्ली के सभी 500 एएनपीआर-सक्षम ईंधन स्टेशनों पर ‘पीयूसीसी नहीं, ईंधन नहीं’ व्यवस्था को मिशन मोड में लागू करने का निर्णय लिया गया। शहरव्यापी जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा तथा नियमों का पालन नहीं करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
1 से 10 अक्टूबर के दौरान दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप को अपनाने के लिए शहरव्यापी अभियान चलाया जाएगा। आरडब्ल्यूए और जन प्रतिनिधियों के सहयोग से ऐप डाउनलोड शिविर आयोजित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि दिल्ली के सभी 228 मेट्रो स्टेशनों पर अंतिम छोर तक संपर्क सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली के बस बेड़े की संख्या 6,840 हो गई है, जिसमें 5,088 ई-बसें शामिल हैं।
हॉटस्पॉट और यातायात प्रबंधन
जन प्रतिनिधि अधिकारियों, आरडब्ल्यूए, व्यापारियों और यातायात पुलिस के साथ वायु गुणवत्ता और यातायात हॉटस्पॉट का नियमित दौरा करेंगे। बैठक में बताया गया कि 42 प्रमुख क्षेत्रों में समस्या का समाधान किया जा चुका है और अक्टूबर तक आठ अन्य क्षेत्रों में सुधार का लक्ष्य है। दिल्ली यातायात पुलिस के परामर्श से इन क्षेत्रों में एकतरफा यातायात और यातायात सुगम बनाने के उपायों का परीक्षण किया जाएगा। नागरिकों को अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और कचरा डालने वाले स्थानों की जानकारी देने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। दिल्ली सरकार के अनुसार, आठ सड़क खंडों को सिग्नल-मुक्त किया जा चुका है और शेष सात को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सड़क पुनर्विकास और धूल नियंत्रण
सड़क पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अब तक 1,193 किलोमीटर सड़क का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है, जबकि शेष कार्य को 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। फुटपाथों पर शुरू से अंत तक पक्की सतह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, जिससे पैदल आवाजाही सुगम होने के साथ धूल कम करने में मदद मिलेगी। एसओपी के अनुसार शिकायतों का निपटारा 72 घंटे के भीतर किया जाना है।
खुले में कचरा जलाने पर रोक
वार्ड स्तर पर निगरानी, बाजारों से कचरा संग्रहण मजबूत करने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रवर्तन के साथ ‘जीरो बर्निंग’ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। दिल्ली सरकार के अनुसार, एमआरएसएम की संख्या पिछले वर्ष के 76 से बढ़कर 98 हो गई है। कचरा जलाने की रोकथाम के लिए 15 अक्टूबर तक वार्ड और जिला/उपमंडल स्तर पर समर्पित निगरानी दल तैनात किए जाएंगे। शीतकालीन कार्ययोजना के तहत प्रायोगिक आधार पर हीटिंग बूथ स्थापित किए जाएंगे। अनधिकृत नियमितीकृत कॉलोनियों और जेजे क्लस्टरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर
बंजर क्षेत्रों में पौधों के संरक्षण और हरित क्षेत्र विकसित करने पर भी बैठक में जोर दिया गया। दिल्ली सरकार के अनुसार, अब तक 71 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं और चिन्हित 434 एकड़ बंजर क्षेत्र में से 433 एकड़ को हरित बनाया जा चुका है।
निर्माण मलबे के प्रबंधन पर जोर
भवन निर्माण योजना की मंजूरी के लिए मलबा ऐप पर पंजीकरण को अनिवार्य शर्त बनाने पर जोर दिया गया। दिल्ली सरकार ने बताया कि निर्माण और विध्वंस से उत्पन्न धूल के नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली विध्वंस गतिविधियों और खुले में होने वाली सिविल निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
शीतकालीन प्रोटोकॉल
सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अग्रिम उपायों में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध, पार्किंग शुल्क दोगुना करना, कार्यालय समय में चरणबद्ध बदलाव और 50% कार्य घर से कराने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। बैठक में तय किया गया कि 1 नवंबर 2026 से दिल्ली के बाहर पंजीकृत तथा बीएस-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। सीएनजी और ईवी वाहनों को इससे छूट दी जाएगी।
ईवी नीति और पुराने वाहनों का स्क्रैप
ईवी नीति 2026 को बढ़ावा देने और पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहन बढ़ाने का निर्णय लिया गया। परिवर्तन योजना के तहत मिशन मोड में पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान में तेजी लाने के लिए अक्टूबर-नवंबर में जनभागीदारी शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
औद्योगिक प्रदूषण पर कार्रवाई
औद्योगिक प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए एआई-सक्षम कमांड एंड कंट्रोल सेंटर संचालित करने, निगरानी केंद्रों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 करने और नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रदूषणकारी उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 334 प्रवर्तन टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ नागरिक शिकायत निवारण, दैनिक एक्यूआई बुलेटिन और समन्वित एनसीआर-स्तरीय एयरशेड कार्रवाई को मजबूत किया जाएगा। बैठक में केंद्रीय और दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के अलावा सीपीसीबी, डीपीसीसी, एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए, दिल्ली परिवहन विभाग, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







