नई दिल्ली। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के निरीक्षण में दिल्ली जल बोर्ड, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), दिल्ली मेट्रो और नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) से जुड़ी कुछ परियोजनाओं में डस्ट कंट्रोल के उपायों में खामियां मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
प्रदूषण नियंत्रण पर क्या बोलीं सीएम
सीएम रेखा गुप्ता ने साफ किया कि प्रदूषण नियंत्रण के नियम सभी के लिए समान है। किसी सरकारी विभाग, निर्माण एजेंसी, ठेकेदार या निजी कंपनी को विशेष छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक नवंबर तक डस्ट कंट्रोल को रोकने के लिए सभी एजेंसी, बिल्डर्स के साथ मिलकर मलबा ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
मामले में क्या बोले पर्यावरण मंत्री
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कंस्ट्रक्शन साइट परनिर्माण एजेंसियों को सामग्री और मलबे को ढक कर रखने, नियमित पानी का छिड़काव करने, जरूरत के अनुसार एंटी-स्मॉग गन चलाने और धूल फैलने से रोकने के लिए अवरोधक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण स्थलों का नियमित और औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसमें सरकारी योजना हो या निजी दोनों मामलों में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
CAQM ने जारी किए आदेश
आपको बता दें कि पिछले दिनोंं कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी और सख्त करने के लिए सभी इंडस्ट्री में पैन-टिल्ट-जूम (PTZ) कैमरे लगाने का आदेश दिया था। साथ ही कहा कि उद्योगों को एक्स्ट्रा कैमरे 31 अक्टूबर 2026 तक लगाने होंगे। मंगलवार को CAQM की ओर से बताया गया किकई उद्योगों में अब भी उन फ्यूलके इस्तेमाल की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनकी इजाजत नहीं है। आयोग की फ्लाइंग स्क्वॉड की अचानक की गई जांच में भी ऐसे मामले मिले हैं।







