नई दिल्ली। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने वाला है। ये ज्योतिषीय दृष्टिकोण से काफी खास माना जा रहा है। ये एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। बता दें कि ये एक खगोलीय घटना है। ये घटना तब घटती है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। ऐसे में सूर्य की रोशनी पूरी या फिर आंशिक रूप से पृथ्वी पर नहीं पड़ जाती है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, साल का आखिरी सूर्य ग्रहण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ये सावन माह में लगने के साथ-साथ कर्क राशि में लग रहा है। जहां पर सूर्य गुरु के साथ युति कर रहे हैं। ऐसे में इसका असर 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से अवश्य देखने को मिलने वाला है। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण का समय, सूतक काल का समय से लेकर भारत में नजर आएगा कि नहीं सहित अन्य जानकारी..
साल के दूसरे सूर्य ग्रहण 2026 तिथि और समय
भारतीय समयानुसार साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 की रात 11 बजकर 17 मिनट पर आरंभ होने वाला है, जो अगले दिन यानी 13 अगस्त की सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा। इस सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 5 घंटे 8 मिनट हो सकती है।
कर्क राशि में लगेगा सूर्य ग्रहण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के समय सूर्य कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। जहां पर उच्च राशि में गुरु बृहस्पति विराजमान है। वह 12 अगस्त को ही सुबह उदित हुए हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों की युति से गुरु आदित्य राजयोग के साथ कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही सूर्य बुध के नक्षत्र अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान होंगे।
क्या भारत में नजर आएगा सूर्य ग्रहण?
बता दें कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण रात को शुरू हो रहा है। इसलिए भारत में नजर नहीं आने वाला है। हालांकि ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रहण का असर 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में देखने को मिलने वाला है।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा की नहीं?
शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि किसी भी सूर्य ग्रहण होने के करीब 12 घंटे पहले से सूतक काल आरंभ हो जाता है। इस दौरान हर तरह के शुभ,स मांगलिक कामों में पाबंदी लगने से लेकर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धि के बाद मंदिरों का कपाट खोलने के साथ शुभ कार्य आरंभ हो जाते हैं। ग्रहण के दौरान जप करना लाभकारी माना जाता है। हालांकि साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में नहीं लग रहा है। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
किन-किन जगहों पर दिखाई देगा दूसरा सूर्य ग्रहण
बता दें कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। लेकिन ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन, आर्कटिक क्षेत्र और स्पेन सहित यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
क्या सूर्य ग्रहण पर दिन में छा जाएगा अंधेरा?
बता दें कि 12 अगस्त 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। ऐसे में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक देगा। ऐसे में कुछ जगहों पर कुछ मिनटों के लिए दिन में ही पूरी तरह से अंधेरा हो जाएगा। बता दें कि ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन के उत्तरी भाग, पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी छोटे हिस्से, रूस के कुछ उत्तरी क्षेत्र आदि जगहों में कुछ मिनटों के लिए अंधेरा हो सकता है।
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लग रहा है। सूर्य इस राशि में गुरु के साथ विराजमान होंगे। ऐसे में कुछ राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। लेकिन कुछ राशि के जातकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वृषभ, कन्या, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक असर देखने को मिलने वाला है। इन राशियों के लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ नए काम आरंभ कर सकते हैं। आय के क्षेत्र में ही लाभ मिल सकता है। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये अवधि लाभकारी हो सकती है। हालांकि अपनी वाणी में कंट्रोल रखने की जरूरत है, वरना बनता हुआ काम बिगड़ सकता है।
मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, धनु राशि के जातकों को इस अवधि में थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। शारीरिक और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल में थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। बेकार में किसी से बहस करने से बचें।







