नई दिल्ली। हिंदू धर्म में चातुर्मास की अवधि बहुत विशेष मानी जाती है. चातुर्मास चार महीनों का समय होता है. इस समय जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं. चातुर्मास का समय पूजा-पाठ और साधना का माना जाता है. ये समय देवाताओं के शयन का होता है, इसलिए इस समय विवाह समेत तमाम शुभ काम रोक दिए जाते हैं, क्योंकि इस दौरान मांगलिक कामों का शुभ फल प्राप्त नहीं होता. चातुर्मास हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन से शुरू होता है.
इसका समापन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी के दिन होता है. इस साल 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू हो रहा है. इसका समापन 20 नवंबर को होगा. माना जाता है कि चातुर्मास में नकारात्मक ऊर्जा बहुत प्रभावित हो जाती है. इससे घर में गृह क्लेश की स्थिति बन जाती है. वास्तु शास्त्र में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए कई विशेष उपाय बताए गए हैं. इन उपायों को करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और सुख-शांति बढ़ती है, तो आइए जानते हैं चातुर्मास में घर को नकारात्मक ऊर्जा से दूर रखने के इन उपायों के बारे में.
चातुर्मास में घर से नकारत्मकता दूर रखने के लिए उपाय
नमक का पोछा: चातुर्मास के दौरान रोजाना पानी में नमक मिलाकर घर में पोछा लगाएं. इस उपाय को नियमित रूप से करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
कपूर जलाएं: चातुर्मास के दौरान हर दिन कपूर जलाएं. मान्यता है कि इस उपाय को करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है. साथ ही पारिवारिक कलह की समस्या से छुटकारा मिलता है.
दीपक जलाएं: चातुर्मास में रोजाना शाम को मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं. इस उपाय को करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती है.
जल का छिड़काव: चातुर्मास में घर के मुख्य द्वार पर रोजाना जल का छिड़काव करें. इस उपाय को करने से घर में सुख-शांति का आगमन होता है.







