Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

बांग्लादेश में शेख हसीना तो जीत गईं, पर ये संकेत अच्छे नहीं हैं

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 9, 2024
in विश्व
A A
19
SHARES
635
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली: बांग्लादेश में मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी के बहिष्कार के बाद हुए चुनाव के नतीजे एक तरह से सबको पता थे. देश के 12वें संसदीय चुनावों में शेख हसीना की अवामी लीग की जीत लगभग तय थी. ध्यान देने वाली बात यह है कि ये परिणाम उस चुनाव के हैं जिसमें मात्र 41.8 प्रतिशत वोटिंग हुई है. चुनाव खत्म होने से एक घंटे पहले तक केवल 27 प्रतिशत मतदान हुआ था. ऐसे में चुनाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि इसमें लोगों की, नेताओं की, पार्टियों की भागीदारी कम रही. अगर हसीना देश को लोकतंत्र के रास्ते पर मजबूती से आगे ले जाना चाहती हैं तो सबको साथ लेकर चलना होगा. इसमें विपक्ष भी शामिल है.

हिंदुओं पर असर

इन्हें भी पढ़े

दवा उद्योग

अमेरिका ने कुछ खास भारतीय दवाओं पर जीरो टैरिफ का किया ऐलान!

September 28, 2026
Petal Gehlot

कौन हैं पेटल गहलोत, जिन्होंने UNGA में पाकिस्तान को धो डाला!

September 26, 2026
Netanyahu

3 देशों पर नेतन्याहू की नजरें टेढ़ीं…तुर्की, ब्रिटेन और फ्रांस से क्यों चिढ़ा इजराइल?

September 25, 2026
AI

AI की अगली महाशक्ति कौन?

September 25, 2026
Load More

वैसे, पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश में भी लोकतंत्र इतना आसान नहीं रहा है. कई बार मार्शल लॉ लगा. हालांकि जब 2008 में हसीना सत्ता में आईं तो उन्होंने देश के संविधान का धर्मनिरपेक्ष स्वरूप सामने रखा. उनके नेतृत्व में बांग्लादेश में असुरक्षित महसूस कर रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं ने भी थोड़ी राहत की सांस ली. हालांकि उन पर अत्याचार अब भी खत्म नहीं हुए हैं. हां, हसीना के कार्यकाल में हिंदुओं को महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर नियुक्ति जरूर मिली. देश का आर्थिक प्रदर्शन बेहतर हो रहा है जिससे बांग्लादेश 2026 अल्प विकसित देशों की लिस्ट से बाहर हो जाएगा.

भारत से रिश्ते

इधर, शेख हसीना के समय में भारत और बांग्लादेश के संबंध काफी बेहतर चल रहे हैं. उन्होंने भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने वाली नीति अपनाई है. उनके समय में ही दोनों देशों के बीच सभी जमीनी और समुद्री सीमाओं का विवाद सुलझा लिया गया. कनेक्टिविटी काफी बेहतर हुई है. ट्रांजिट और ट्रांस-शिपमेंट हकीकत बन चुका है.

देश के अंदरूनी हालात

हालांकि एंटी-लिबरेशन ताकतों के खिलाफ हसीना के सख्त कदमों की आलोचना भी होती रहती है. इसी वजह से विपक्ष में भारी खालीपन देखा जा रहा है. असर यह हुआ कि जमीनी स्तर पर बीएनपी और जमात के नेता अवामी लीग में शामिल हो रहे हैं. हाल के चुनावों में 62 सीटें जीतने वाले निर्दलीय दूसरे बड़े गुट बनकर उभरे. बताया जा रहा है कि इनमें से कई डमी अवामी कैंडिडेट ही थे. जिस तरह से अवामी कैंडिडेट को लाख-डेढ़ लाख मतों के अंतर से जीत मिली उसने भी कई सवाल खड़े किए.

वो सेक्युलर नजरिया

क्रिकेटर शाकिब अल हसन ने मगुरा सीट से डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की. इससे देश ही नहीं, दुनिया में यह धारणा बन गई कि बांग्लादेश में सत्तारूढ़ अवामी लीग का कैंडिडेट ही जीत सकता है. आगे चलकर अगर और भी बाहरी अवामी में शामिल होते हैं तो हसीना का सेक्युलर विजन पहले जैसा नहीं रह जाएगा. पता नहीं इसके बाद क्या होगा. ऐसे में अवामी लीग के अगली पीढ़ी के नेता चीन के करीब जा सकते हैं. यह भारत के लिए चिंता की बात हो सकती है.

इसके अलावा बांग्लादेश अपने आप में सिंगल पार्टी रूल की तरफ बढ़ता दिखाई देता है, जो देश के आर्थिक विकास के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. बांग्लादेश को एक मजबूत राजनीतिक विपक्ष की जरूरत है. हसीना को भी इसकी जरूरत है. आखिर उनकी पार्टी को आगे बढ़ाने वाले भी उनकी तरह ही प्रभावशाली, लोकतांत्रिक होना चाहिए.

 

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
delhi pollution

कैसे रुके प्रदूषण

November 9, 2023
Gautam Adani

Adani के बवंडर में LIC, SBI भी स्वाहा!

February 27, 2023
us israel attack on iran

ईरान पर अमेरिका-इसराइल के हमले ने कैसे बढ़ाई भारत की मुश्किलें!

February 28, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • CM रेखा गुप्ता ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद से मिलाया हाथ, दिल्ली के कलाकारों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर
  • गया जी में ही क्यों होता है पिंडदान! गयासुर से जुड़ा है विष्णुपद मंदिर का ये रहस्य
  • CM रेखा गुप्ता ने ऑनलाइन लाइसेंस, एनओसी के लिए ‘दिल्ली उद्योग मित्र’ पोर्टल शुरू किया

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.