प्रकाश मेहरा
स्पेशल डेस्क
श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार शाम संदिग्ध आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मजदूर कुलगाम के केलम क्षेत्र स्थित एक ईंट-भट्ठे पर कार्यरत थे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हमलावरों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतकों की पहचान दीपक रात्रे और भूपिंदर के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से छत्तीसगढ़ के निवासी थे और रोज़गार के सिलसिले में कश्मीर आए थे।
घटनास्थल पर एक की मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने शुक्रवार शाम मजदूरों पर अचानक गोलियां चला दीं। गोली लगने से दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपिंदर को तत्काल अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (SKIMS) रेफर किया गया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
हमले के बाद फरार हुए हमलावर
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे तथा पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने नहीं ली है। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से भी घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे शामिल लोगों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत की है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि “सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान और तेज करने तथा दोषियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाने के निर्देश दिए गए हैं। उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि निर्दोष नागरिकों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
हाल के दिनों में बढ़ी हैं ऐसी घटनाएं
उल्लेखनीय है कि इसी महीने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन पर गोलीबारी की थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। आशिक हुसैन मूल रूप से बडगाम जिले के निवासी थे।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुलगाम की इस घटना के बाद दक्षिण कश्मीर के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां हमले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।







