Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

 भाजपा में परिवारवाद रोग की हुई शुरुवात

पार्षद रह लिए अब त्याग दिखाकर आगे बढ़ा रहे बेटे-बेटियों के नाम

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 1, 2022
in राज्य
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

इंदौर,31 मई (आरएनएस)। वंशवाद को लेकर भाजपा कांग्रेस को लगतार घेरती रही है। कुछ दिन पहले हुई भाजपा की बड़ी बैठक में स्वयं प्रधानमंत्री ने कहा था कि परिवारवाद की राजनीति से धोखा खाने वाले लोगों का भरोसा भाजपा है। इंदौर की स्थानीय राजनीति की बात करें तो यहां पार्टी लाइन और बड़े नेताओं की विचारधारा के विपरीत परिवारवाद तेजी से बढ़ा है। खासकर विधानसभा क्षेत्र-दो में। जहां चार-पाँच चुनाव लड़ चुके पार्षद या तो खुद टिकट लाने में जुटे हैं या फिर खुद को पीछे करके बच्चों को टिकट दिलाने की जुगत में हैं। दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में भी इस बात का जोर है लेकिन इंदौर-दो के मुकाबले थोड़ी कम है। इंदौर-दो निगम सीमा का सबसे वजनदार विधानसभा क्षेत्र,, जहां वार्ड से लेकर विधानसभा तक भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में है। यह वही क्षेत्र है जहां इंदौर के सबसे पुराने, प्रतिभाशाली और प्रभावी पार्षद रहते हैं। आधी विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में चुनाव जीत चुके चंदूराव शिंदे हों, मुन्नालाल यादव या फिर राजेंद्र राठौर और राजकपूर सुनहरे की बात करें। सभी को चुनाव लड़ते-लड़ते 25 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इनमें सुनहरे ही हैं जो 2009 का चुनाव वल्लभनगर से हार चुके हैं। बाकी सभी अजेय हैं। 2004 से लगातार एमआईसी में हैं। राठौर सभापित भी रह लिए। फिर भी वार्डस्तर की राजनीति जारी है। 2022 के चुनव के लिए इनकी तैयारी पूरी है। वार्ड आरक्षण के बाद 2015 के वार्ड बदल चुके हैं। इसीलिए सभी को ऐसे वार्डों की तलाश है, जहां से चुनाव न सिर्फ लड़ा जा सके, बल्कि जीता भी जा सके। अंबेडकरनगर-नेहरुनगर, एमआईजी-एचआईजी, सुखलिया और जनता क्वार्टर में शिंदे पार्षद रह लिए। वैसे भी इन वार्डों में ऐसे काम रहे नहीं कि पार्षद के रूप में कोई उल्लेखनीय काम कर सके, इसीलिए नए वार्ड की तलाश है। स्वास्थ्य खराब है, फिर भी चुनाव की तैयारी है। पीछे हटने के लिए भी बेटे आनंद के लिए टिकट मांग रहे हैं। मुन्नालाल यादव को पहला टिकट 1994 में मिला था वार्ड दस से।

जहां उन्हें फुलविंदर गिल ने हराया था। 1999 में फिर उसी वार्ड से मौका मिला। 2009 में वार्ड-दस के टुकड़े हो गए। 2015 में यह चार वार्डों में बंट गया। 30, 31, 32 और 34 में। यादव 34 से पार्षद हैं लेकिन अब निशाना फिर वार्ड 21 पर है जो अब सामान्य पुरुष हो गया है। बेटे दीपेश को कारेाबार में लगा रखा है, राजनीति में सक्रिय कर रखा है अंतिक यादव को। हालांकि दीपेश भी चुनाव लडऩे के मूड में हैं। 1999 में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने शिंदे के अलावा राजेंद्र राौर और राजकपूर सुनहरे को भी पार्षद का टिकट दिलवाया था। राठौर सुखालिया, परदेशीपुरा, क्लर्क कालोनी, सुखालिया और लवकुशनगर में चुनाव जीत चुके हैं। खुद भी दावेदार हैं, अपनी कीमत पर बेटे प्रतीक को टिकट देने की मांग कर रहे हैं। राजकपूर सुनहरे 1999 में चुनाव हार गए थे। 2004 और 2015 में पार्षद बने। बेटा छोटा है, इसलिए खुद की याद परिवार में किसी दूसरे को टिकट दिलाने की मंशा है। इंदौर-दो के सबसे गुस्सैल नेता के रूप में लाल बहादुर वर्मा जाने जाते हैं। चिडिय़ाघर में अधिकारियों से मारपीट का मामला हो या फिर एमआईसी में टेबल तोडऩे का। लाल के तेवर हमेशा लाल ही रहे। फिर भी पार्टी में उनका वजन कायम है। 1999 और 2004 में पार्षद रहे। 2004 में एमआईसी मेम्बर बने। 2009 में खुद नहीं लड़ सके तो बहन यशोदा श्रीमान को टिकट दिला दिया। 2015 में जिस वार्ड से तैयारी की थी वहां से वैचारिक प्रतिद्वंद्वी चंदु शिंदे को टिकट मिला लेकिन लाल नहीं माने उन्होंने निर्दलीय चुनाव लडक़र शिंदे को चुनौती दी। बहन यशोदा श्रीमान को नेहरुनगर का पार्षद बनाकर छोड़ा। भले खुद ने समझौतावादी हार स्वीकार ली।
अनिल पुरोहित/अशफाक

इन्हें भी पढ़े

Chardham Yatra

चारधाम यात्रा के लिए शुरू हो गया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, जानें पूरा प्रॉसेस

March 7, 2026
nitish kumar

‘नीतीश कुमार क्या थे और क्या हो गए’; ऐसा क्यों कह रहे हैं उनके क़रीबी, जानिए !

March 7, 2026
pm modi

बिहार : CM की रेस में ये नाम लेकिन क्या PM मोदी लेंगे चौंकाने वाला फैसला?

March 6, 2026
नवजात बच्ची

इस राज्य में तीसरा बच्चा होने पर सरकार देगी 25000 रुपये, मुफ्त शिक्षा का भी किया ऐलान

March 6, 2026
Load More

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
PM Modi

यूपी में बना है व्यापार, विकास और विश्वास का माहौल : PM मोदी

February 20, 2024
PM Modi

PM मोदी ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों से किया संवाद

November 10, 2025
Rajnath Singh

राजनाथ सिंह बोले- ‘मुंहतोड़ जवाब देंगे और जैसा चाहते हैं, वैसा होकर रहेगा’!

May 5, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध : हफ्ते भर के युद्ध में ही हिल गई दुनिया!
  • अब बिना इंसान के चलेगा कंप्यूटर, OpenAI ने लॉन्च किया GPT-5.4 मॉडल
  • हाथ में V का निशान है? 35 के बाद चमक सकती है किस्मत, मिलते हैं बड़े फायदे

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.