Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

एग्जिट पोल : दिल्ली में किसकी चमकेगी किस्मत…कमल खिलेगा या झाड़ू चलेगा?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 6, 2025
in दिल्ली, राजनीति, विशेष
A A
bjp-aap
19
SHARES
628
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

स्पेशल डेस्क/नई दिल्ली: दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी को मतदान हुआ। इसके बाद अब एग्जिट पोल सामने आने लगे हैं. एग्जिट पोल में दिल्ली में बड़ा बदलाव होते दिख रहा है. MATRIZE के सर्वे के मुताबिक, दिल्ली में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, लेकिन इसमें बीजेपी को मामूली बढ़त देखने को मिल रही है. इन आंकड़ों के मुताबिक, आप को 32-37 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि बीजेपी 35-40 सीटों के साथ दिल्ली में सरकार बनाती दिख रही है। वहीं कांग्रेस को भी एक सीट मिलती दिख रही है।

AAP के लिए चुनाव काफ़ी मायने रखता है!

इन्हें भी पढ़े

BJP

UP बीजेपी में बड़े बदलाव की तैयारी, शीर्ष स्तर पर 50% फेरबदल

May 29, 2026
ट्रंप भैंसा

बांग्लादेश का ‘ट्रंप भैंसा’ बना ग्लोबल सेंसेशन, 700 किलो के भैंसे को मिली VIP सुरक्षा

May 29, 2026
meta

Meta का बड़ा फैसला: अब Instagram, Facebook और WhatsApp इस्तेमाल करने के लिए देने पड़ेंगे पैसे!

May 29, 2026
Siddaramaiah DK Shivakumar

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व की लड़ाई, क्या सिद्धारमैया की बराबरी कर पाएंगे डीके शिवकुमार?

May 28, 2026
Load More

एग्ज़िट पोल्स का विश्लेषण करने के बाद एक पॉडकास्ट में चुनावी विशेषज्ञ प्रकाश मेहरा कहते हैं “AAP के लिए यह चुनाव काफी मायने रखता है। जबकि बीजेपी और कांग्रेस भी मैदान में हैं और वापसी के लिए जोर लगा रहे हैं. बीजेपी ने दिल्ली में 1993 में जीत हासिल की थी, उसके बाद कभी जीत नसीब नहीं हुई. वहीं, कांग्रेस ने 1998, 2003, 2008 में लगातार जीत हासिल की और शीला दीक्षित मुख्यमंत्री रहीं। इस बार चुनाव में AAP को BJP-कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिल रही है। दिल्ली में लगभग 1.56 करोड़ वोटर्स हैं।”

दिल्ली की किन सीटों पर सबकी नजर?

दिल्ली चुनाव में कई सीटें ऐसी हैं, जिनके नतीजे पर हर किसी की नजर है. अरविंद केजरीवाल, आतिशी, प्रवेश वर्मा, रमेश बिधूड़ी और कैलाश गहलोत जैसे प्रमुख नेता दौड़ में हैं. नई दिल्ली सीट सबसे हाई प्रोफाइल है. यहां AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल, बीजेपी के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित के बीच मुकाबला है।

पटपड़गंज सीट पर AAP से अवध ओझा, बीजेपी से रविंदर सिंह नेगी और कांग्रेस से अनिल चौधरी के बीच टक्कर है. उत्तर पश्चिमी इलाके की रोहिणी सीट पर AAP से प्रदीप और बीजेपी से विजेंद्र गुप्ता के बीच मुकाबला हो रहा है। कालकाजी सीट पर दिल्ली की वर्तमान सीएम आतिशी, बीजेपी से पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी और कांग्रेस से अलका लांबा के बीच त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है। जंगपुरा सीट से AAP से मनीष सिसोदिया, बीजेपी से सरदार तरविंदर सिंह मारवाह और कांग्रेस से फरहाद सूरी मैदान में हैं।

क्या होते हैं एग्जिट पोल?

एग्जिट पोल से चुनावी नतीजों की एक तस्वीर पता चलती है. दरअसल, एग्जिट पोल में एक सर्वे किया जाता है, जिसमें वोटरों से कई सवाल किए जाते हैं। उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसे वोट दिया. ये सर्वे वोटिंग वाले दिन ही होता है. सर्वे करने वाली एजेंसियों की टीम पोलिंग बूथ के बाहर वोटरों से सवाल करती है। इसका एनालिसिस किया जाता है और इसके आधार पर चुनावी नतीजों का अनुमान लगाया जाता है। भारत में कई सारी एजेंसियां एग्जिट पोल करवाती है।

एग्जिट पोल को लेकर क्या है गाइडलाइंस?

एग्जिट पोल को लेकर भारत में पहली बार 1998 में गाइडलाइंस जारी हुई थीं। रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट 1951 के मुताबिक, जब तक सारे फेज की वोटिंग खत्म नहीं हो जाती, तब तक एग्जिट पोल नहीं दिखाए जा सकते. आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होने के आधे घंटे बाद एग्जिट पोल के नतीजे दिखाए जा सकते हैं। कानून के तहत अगर कोई भी चुनाव प्रक्रिया के दौरान एग्जिट पोल या चुनाव से जुड़ा कोई भी सर्वे दिखाता है या चुनाव आयोग की गाइडलाइंस का उल्लंघन करता है तो उसे 2 साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

शर्मनाक यह जो सब बेमतलब!

June 11, 2022

केंद्र के स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में महाराष्ट्र को पहला स्थान

January 12, 2024
berojgaar youth

युवाओं पर है दारोमदार

December 31, 2022
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • हार्दिक पंड्या क्यों किया MI टीम छोड़ने का फैसला, जानिए
  • ये हैं LIC की 5 सबसे बेहतरीन पॉलिसी, 45 रुपए से बना सकते हैं 25 लाख का फंड
  • NEET पेपर लीक कैसे हुआ इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.