शिमला : राजधानी शिमला में बैंक ऑफ बड़ौदा की कुसुम्पटी शाखा से करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारी पर आरोप है कि उसने पद और जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर करोड़ों की राशि का हेरफेर किया और उसे निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया। मामले को गंभीर मानते हुए थाना छोटा शिमला पुलिस ने आपराधिक धारा में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के डिप्टी रीजनल ने थाना छोटा शिमला में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया कि कुसुम्पटी शाखा में कार्यरत बैंक अधिकारी ने एक सरकारी संस्था के खाते से बिना अनुमति 22 अगस्त और 27 अगस्त को 3.70 करोड़ रुपये की बड़ी राशि एक महिला के खाते में ट्रांसफर कर दी। बैंकिंग नियमों और प्रक्रिया को ताक पर रखकर हुई इस हेराफेरी ने पूरे बैंकिंग तंत्र को हिला दिया है।
शिकायत में कहा गया है कि खाते से ट्रांसफर की गई रकम को बाद में कई खातों और नकद निकासी के जरिये निकाल लिया गया। इस तरह से करोड़ों की रकम का गैरकानूनी तरीके से गबन किया गया। हालांकि जांच के दौरान पता चला कि करीब 90.95 लाख रुपये की राशि अभी भी उसी खाते में बची हुई है, जिसे बैंक प्रशासन की कार्रवाई के बाद फ्रीज कर दिया गया है।
ये भी सामने आया है कि आरोपी बैंक अधिकारी ने खुद भी मामले को स्वीकार कर लिया है। जानकारी के अनुसार 7 सितंबर को अधिकारी ने लिखित में जुर्म कबूल करते हुए यह माना कि उसने अज्ञात व्यक्तियों की मिलीभगत से निजी लाभ के लिए यह धोखाधड़ी की है। आरोपी अधिकारी के कबूलनामे के बाद मामला और गंभीर हो गया है और पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए जांच तेज कर दी है।
पुलिस के अनुसार अभी जांच प्रारंभिक स्तर पर है और पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। बैंक प्रबंधन ने आशंका जताई है कि इस गबन के पीछे और भी लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए और जिनके जरिए नकद निकासी की गई, उन सभी की जांच की जा रही है।
पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि बैंक प्रबंधन की शिकायत के आधार पर आरोपित के विरुद्ध छोटा शिमला पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 316 (5) के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।







