पटनाः बिहार में होने वाली शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया (TRE-4) के विज्ञापन से पहले अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से अधिकतम उम्र सीमा में 10 साल की छूट देने की मांग तेज कर दी है. सभी वर्गों के अभ्यर्थियों का कहना है कि उम्र सीमा में यह राहत नहीं मिलने पर हजारों योग्य उम्मीदवार शिक्षक बनने से वंचित रह जाएंगे. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में देरी और पूर्व की अधिसूचनाओं में सीमित अवसर मिलने के कारण अब कई उम्मीदवार अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं. इनमें सीटीईटी, एसटीईटी, डीएलएड और बीएड पास उम्मीदवार बड़ी संख्या में शामिल हैं.
उम्र में अधिकतम 10 साल की मिले छूट
उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ से मांग की है कि TRE-4 के विज्ञापन से पहले स्पष्ट रूप से सभी वर्गों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में 10 साल की छूट दी जाए. उनका कहना है कि यह छूट पहले भी कई बार विशेष परिस्थितियों में दी गई है, और इस बार भी देरी और कोरोना काल जैसी बाधाओं के कारण भर्ती प्रभावित हुई है.
15 अगस्त तक मांग पूरी नहीं हुई तो…
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग 15 अगस्त तक पूरी नहीं की गई, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे. उन्होंने दावा किया है कि इस मुद्दे पर पटना में हजारों उम्मीदवार सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
प्रदर्शन की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का ध्यान अपनी समस्या की ओर दिलाना चाहते हैं, लेकिन यदि उनकी अनदेखी की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा. अभ्यर्थियों का तर्क है कि यह कदम न केवल उनके भविष्य को बचाएगा, बल्कि राज्य में योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी को भी दूर करेगा. अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं. TRE-4 का विज्ञापन आने में ज्यादा समय नहीं बचा है, और अभ्यर्थियों की उम्मीदें अब सीधे सरकार के निर्णय पर टिकी हैं.







